न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स की यात्रा के दौरान देश के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने प्रतिष्ठित ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान से सम्मानित किया। यह किसी विदेशी राष्ट्र द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को प्रदान किया गया 34वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स की सरकार, वहां की जनता और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनके लिए नहीं, बल्कि उन सभी देशों के लिए समर्पित है जो जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती का सामना करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए साझा प्रयासों पर दिया जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के सामने एक गंभीर चुनौती है और इसका समाधान केवल सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने कहा कि भारत पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर लगातार काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में लागू विभिन्न हरित नीतियां, मिशन लाइफ (Lifestyle for Environment), अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) और आपदा-रोधी अवसंरचना गठबंधन (CDRI) जैसी वैश्विक पहलें भारत की पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीरता को दर्शाती हैं।
तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे पर हैं प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर शनिवार को सेशेल्स पहुंचे। इस दौरान वह सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, विकास सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
सेशेल्स को सौंपा मेड इन इंडिया गश्ती पोत
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स कोस्ट गार्ड को भारत में निर्मित एक आधुनिक तेज गश्ती पोत भी सौंपा। इस पहल को हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भारत ने इस अवसर पर सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए अपने सहयोग को दोहराया।
हाल ही में स्लोवाकिया ने भी किया था सम्मानित
इससे पहले इसी महीने प्रधानमंत्री मोदी को स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से भी सम्मानित किया गया था। विदेश यात्राओं के दौरान विभिन्न देशों द्वारा मिले सम्मान भारत और उन देशों के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक माने जाते हैं।



