न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- असम में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के अध्यक्ष Badruddin Ajmal ने जनसंख्या वृद्धि को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार को अधिक बच्चे पैदा करने वाले परिवारों को प्रोत्साहन और पुरस्कार देने पर विचार करना चाहिए। उनका कहना था कि जनसंख्या वृद्धि दर में गिरावट चिंता का विषय है और इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की जरूरत है।
अजमल ने कहा कि लोगों के निजी जीवन और परिवार नियोजन के फैसलों में अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार निर्णय लेने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
जनसंख्या अनुपात पर जताई चिंता
AIUDF प्रमुख ने कहा कि आर्थिक चुनौतियों और बढ़ती महंगाई के कारण कई परिवार सीमित संसाधनों में जीवन यापन कर रहे हैं। उनके अनुसार, वर्तमान परिस्थितियों में कई लोगों के लिए परिवार का भरण-पोषण करना ही कठिन हो गया है, जिसका असर जनसंख्या वृद्धि दर पर भी दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी नीतियों पर विचार करना चाहिए जो परिवारों को सहयोग और सुविधाएं प्रदान करें, ताकि वे अपनी जरूरतों के अनुसार निर्णय ले सकें।
विधायक के रूप में ली शपथ
इस बीच बदरुद्दीन अजमल ने सोमवार को असम विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण किया। विधानसभा अध्यक्ष Ranjit Kumar Das ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। अजमल मध्य असम के बिन्नाकांडी विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए हैं।
विधानसभा सचिवालय के अनुसार, शपथ ग्रहण कार्यक्रम विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय में आयोजित किया गया। इस दौरान विधानसभा के वरिष्ठ अधिकारियों की भी मौजूदगी रही।
हज यात्रा के कारण नहीं ले सके थे पहले शपथ
AIUDF नेताओं के मुताबिक, जब नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया था, उस समय बदरुद्दीन अजमल हज यात्रा पर थे। उन्होंने पहले ही विधानसभा सचिवालय को अपनी अनुपस्थिति की जानकारी दे दी थी। हज से लौटने के बाद उन्होंने शपथ ग्रहण के लिए नई तिथि निर्धारित करने का अनुरोध किया था, जिसके बाद यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
दूसरी बार विधायक बने अजमल
पूर्व में तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके बदरुद्दीन अजमल दूसरी बार असम विधानसभा पहुंचे हैं। इससे पहले वह वर्ष 2006 में दक्षिण सलमारा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे।
हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 126 सदस्यीय विधानसभा में प्रचंड बहुमत हासिल किया। गठबंधन को 102 सीटें मिलीं, जबकि विपक्षी दलों को सीमित सफलता मिली।



