न्यूज़ डेस्क /सर्वोदय न्यूज़: नर कुत्तों में प्रजनन नियंत्रण के लिए अब पारंपरिक सर्जिकल नसबंदी (कैस्ट्रेशन) के अलावा आधुनिक विकल्प भी उपलब्ध हैं। इन्हीं में से एक है सुप्रेलोरिन इम्प्लांट (Deslorelin Acetate), जिसे अस्थायी और रिवर्सिबल नसबंदी का सुरक्षित तरीका माना जाता है।
यह प्रक्रिया सर्जरी की तुलना में कम इनवेसिव होती है, क्योंकि इसमें ऑपरेशन या जनरल एनेस्थीसिया की आवश्यकता नहीं पड़ती। यही कारण है कि कई पालतू पशु मालिक इसे स्थायी नसबंदी से पहले “ट्रायल विकल्प” के रूप में भी चुन रहे हैं।
Dr. Hemant Tiwari एवं Dr. Priyanka Tiwari सुप्रेलोरिन इम्प्लांट (Deslorelin Acetate) में पूरी जानकारी दी गई | जाने क्या कुछ कहा –
क्या है सुप्रेलोरिन इम्प्लांट?
सुप्रेलोरिन इम्प्लांट एक छोटे माइक्रोचिप जैसे डिवाइस के रूप में त्वचा के नीचे लगाया जाता है। यह धीरे-धीरे दवा रिलीज करके शरीर के हार्मोन सिस्टम को प्रभावित करता है और टेस्टोस्टेरोन व स्पर्म उत्पादन को नियंत्रित करता है।
पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है और अधिकांश कुत्तों के लिए आरामदायक मानी जाती है।
इम्प्लांट लगाने की प्रक्रिया
1. तैयारी
सबसे पहले वेटरिनरी डॉक्टर इम्प्लांटर डिवाइस को तैयार करते हैं और उसकी सुरक्षा कैप हटाकर एक्टिवेटर को सही तरीके से सेट किया जाता है।
2. सही स्थान का चयन
इम्प्लांट सामान्यतः गर्दन के पीछे या कंधों के बीच की ढीली त्वचा में लगाया जाता है। यह स्थान सुरक्षित और सुविधाजनक माना जाता है।
3. इम्प्लांट डालना
डॉक्टर त्वचा को हल्का ऊपर उठाकर सुई की मदद से इम्प्लांट को त्वचा के नीचे स्थापित करते हैं।
4. इम्प्लांट रिलीज करना
प्लंजर दबाकर इम्प्लांट को छोड़ दिया जाता है और धीरे-धीरे सुई बाहर निकाली जाती है।
5. अंतिम देखभाल
प्रक्रिया के बाद कुछ सेकंड तक हल्का दबाव दिया जाता है ताकि ब्लीडिंग कम हो और इम्प्लांट सही स्थिति में बना रहे।
सुप्रेलोरिन कैसे काम करता है?
यह इम्प्लांट हार्मोनल सिस्टम को नियंत्रित करके प्रजनन क्षमता को अस्थायी रूप से कम करता है।
शुरुआती हार्मोनल बढ़ोतरी
इम्प्लांट लगाने के शुरुआती कुछ हफ्तों में टेस्टोस्टेरोन स्तर अस्थायी रूप से बढ़ सकता है। इस दौरान कुछ कुत्तों में यौन व्यवहार बढ़ा हुआ दिखाई दे सकता है।
बाद में हार्मोन दमन
लगातार दवा के प्रभाव से हार्मोन रिसेप्टर्स निष्क्रिय होने लगते हैं, जिससे टेस्टोस्टेरोन और स्पर्म उत्पादन काफी कम हो जाता है।
असर दिखने में कितना समय लगता है?
अधिकतर मामलों में 4 से 6 सप्ताह के भीतर इसका पूरा प्रभाव दिखाई देने लगता है।
उपलब्ध डोज और प्रभाव अवधि
- 4.7 mg इम्प्लांट — लगभग 6 महीने तक प्रभावी
- 9.4 mg इम्प्लांट — लगभग 12 महीने या उससे अधिक समय तक प्रभावी
हालांकि, हर कुत्ते में प्रभाव की अवधि अलग-अलग हो सकती है।
सुप्रेलोरिन इम्प्लांट के फायदे
रिवर्सिबल विकल्प
इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसका असर स्थायी नहीं होता। दवा का प्रभाव समाप्त होने के बाद सामान्य हार्मोन और प्रजनन क्षमता धीरे-धीरे वापस आ सकती है।
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बिना सर्जरी का समाधान
जिन कुत्तों में सर्जरी का जोखिम अधिक हो या जिन मालिकों को ऑपरेशन से बचना हो, उनके लिए यह बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
व्यवहार में बदलाव का परीक्षण
कई वेटरिनरी विशेषज्ञ इसे “ट्रायल कैस्ट्रेशन” के रूप में इस्तेमाल करते हैं ताकि यह देखा जा सके कि टेस्टोस्टेरोन कम होने से आक्रामकता, माउंटिंग या भटकने जैसी आदतों में सुधार आता है या नहीं।
निष्कर्ष
सुप्रेलोरिन इम्प्लांट नर कुत्तों के लिए एक सुरक्षित, सुविधाजनक और अस्थायी नसबंदी विकल्प बनकर उभरा है। इसकी सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह रिवर्सिबल है और बिना सर्जरी के लगाया जा सकता है।
हालांकि, किसी भी निर्णय से पहले अनुभवी वेटरिनरी डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है ताकि कुत्ते की उम्र, स्वास्थ्य और व्यवहार के अनुसार सही विकल्प चुना जा सके।



