नई दिल्ली:- ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को लेकर दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। हालांकि, अदालत ने फिलहाल मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि इसमें कोई आपात स्थिति नहीं है। इस दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता पक्ष से कहा कि मामले को “ज्यादा भावुक होकर” देखने की जरूरत नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुई सुनवाई?
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले का उल्लेख किया गया। एडवोकेट एनके गोस्वामी ने अदालत से कहा कि CJP से जुड़े लोग न्यायपालिका की छवि खराब कर रहे हैं। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा, “इस मामले को ज्यादा भावुक होकर न लें।”
उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल तत्काल सुनवाई की आवश्यकता नहीं है और अदालत उचित समय पर इस मामले को देखेगी।
एक अन्य वकील ने अदालत में कहा कि कोर्ट में हुई टिप्पणियों का कथित तौर पर व्यावसायिक और प्रचार के उद्देश्य से इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही फर्जी डिग्री वाले कथित वकीलों की CBI जांच की मांग भी की गई।
याचिका में क्या मांग की गई?
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़ी गतिविधियों की जांच कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि अदालत की मौखिक टिप्पणियों का कथित रूप से प्रचार और कमर्शियल इस्तेमाल किया जा रहा है।
इसके अलावा, याचिका में उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है जो कथित तौर पर फर्जी डिग्रियों के जरिए वकालत जैसे पेशों में प्रवेश कर रहे हैं।
CJI की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था विवाद
दरअसल, 15 मई को एक सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत की कुछ टिप्पणियां सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई थीं। अदालत ने उस दौरान कहा था कि समाज में कुछ “परजीवी” तत्व मौजूद हैं, जो व्यवस्था पर हमला करते रहते हैं।
सुनवाई के दौरान CJI ने कहा था कि कुछ लोग रोजगार या पेशे में जगह नहीं बना पाते और फिर सोशल मीडिया एक्टिविस्ट, आरटीआई कार्यकर्ता या अन्य रूपों में हर किसी पर हमला करने लगते हैं। इसी टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया और सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से अभियान शुरू हो गया।
बाद में CJI ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद CJI सूर्यकांत ने अपनी टिप्पणी पर सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी का गलत अर्थ निकाला गया।
CJI ने स्पष्ट किया कि उनका इशारा उन लोगों की ओर था जो फर्जी और जाली डिग्रियों के जरिए पेशों में घुसपैठ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य क्षेत्रों में भी मौजूद हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय युवाओं के प्रति उनके मन में गहरा सम्मान है और देश का युवा विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है। CJI ने कहा कि यह कहना पूरी तरह गलत है कि उन्होंने देश के युवाओं का अपमान किया।



