Thursday, May 21, 2026

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बंगाल के मदरसों में भी अनिवार्य हुआ ‘वंदे मातरम्’, शुभेंदु अधिकारी सरकार का बड़ा फैसला

न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari के नेतृत्व वाली सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए राज्य के सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ का गायन अनिवार्य कर दिया है। यह आदेश अल्पसंख्यक मामले एवं मदरसा शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त मदरसों पर तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

राज्य के मदरसा शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि अब सभी मदरसों में सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ गाना जरूरी होगा। सरकार का कहना है कि यह फैसला राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।

स्कूलों के बाद अब मदरसों में लागू हुआ आदेश

इससे एक सप्ताह पहले ही बंगाल सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह अंतरों का गायन अनिवार्य किया था। स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान इसे गाना आवश्यक बनाया गया है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि पहले जारी दिशा-निर्देशों को दरकिनार करते हुए राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी विद्यालयों में कक्षाएं शुरू होने से पहले ‘वंदे मातरम्’ का गायन तत्काल प्रभाव से अनिवार्य किया है।

सभी छह अंतरे गाने पर क्यों दिया जा रहा जोर?

केंद्र सरकार ने फरवरी 2026 में ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान सम्मान देने का फैसला किया था। इसके बाद सरकारी और शैक्षणिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रीय गीत के सभी छह अंतरों के पूर्ण गायन को भी अनिवार्य किया गया।

बंगाल सरकार का नया आदेश भी इसी केंद्रीय निर्देश के अनुरूप माना जा रहा है।

दक्षिण भारत में भी उठा था विवाद

‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण को लेकर हाल के दिनों में दक्षिण भारत के कई राज्यों में राजनीतिक विवाद देखने को मिला। Tamil Nadu में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राष्ट्रगान से पहले ‘वंदे मातरम्’ बजाए जाने पर राजनीतिक बयानबाजी हुई थी।

वहीं Kerala में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भी ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह अंतरों का गायन किया गया, जिसके बाद विपक्षी दलों ने सरकार को निशाने पर लिया। हालांकि सरकार ने इसे राजभवन के प्रोटोकॉल का हिस्सा बताया था।

भाजपा ने विपक्ष पर साधा निशाना

भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे पर विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल भारतीय संस्कृति और परंपराओं का विरोध कर रहे हैं।

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