कमाल का करोड़पति चपरासी! तीन पत्नियों,साली-सास और महिला मित्रों को भेज दी करोड़ों की सरकारी रकम

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के जनपद पीलीभीत में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय से जुड़े एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर आरोप है कि उसने फर्जी तरीके से सरकारी धन को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर करोड़ों रुपये का गबन किया।

8 करोड़ से ज्यादा ट्रांसफर, 5.50 करोड़ फ्रीज

पुलिस के मुताबिक, आरोपी इल्हाम शम्सी उर्फ रहमान ने कथित रूप से करीब 8 करोड़ 15 लाख रुपये अलग-अलग खातों में भेजे। इनमें से 5 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की रकम को फ्रीज करा लिया गया है।
जांच के दौरान 53 संदिग्ध बैंक खातों की पहचान भी की गई है।

7 महिलाएं गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने 7 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इनमें आरोपी की पत्नियां, साली, सास, सलहज और दो महिला मित्र शामिल हैं। आरोप है कि सरकारी रकम इन खातों में ट्रांसफर की गई और बाद में उसे निकालकर संपत्ति समेत अन्य निवेशों में लगाया गया।

2018 से चल रहा था खेल?

जांच में यह भी सामने आया है कि यह कथित घोटाला कई वर्षों से चल रहा था। सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि इतने लंबे समय तक विभागीय स्तर पर इसकी भनक क्यों नहीं लगी।

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कैसे हुआ खुलासा

मामले का खुलासा तब हुआ जब बैंकिंग स्तर पर वेतन खातों में गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया और DIOS की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया।

इस पूरे मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने जांच तेज कर दी है और सभी संबंधित खातों और लेन-देन की पड़ताल की जा रही है।

क्या बोले अधिकारी

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जांच में फर्जी बेनिफिशियरी आईडी और ट्रेजरी टोकन जनरेशन के जरिए पैसे ट्रांसफर किए जाने के संकेत मिले हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कौन है मुख्य आरोपी

आरोपी इल्हाम शम्सी बीसलपुर क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज में चपरासी के पद पर तैनात था और बाद में DIOS कार्यालय से जुड़ गया। आरोप है कि उसने सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया।

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