न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- लाल किला कार विस्फोट मामले में जांच एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल से 9 एमएम कैलिबर के तीन कारतूस बरामद किए गए हैं। इनमें दो जिंदा कारतूस और एक खाली खोखा शामिल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कैलिबर आम नागरिकों के लिए उपलब्ध नहीं होता और आमतौर पर सुरक्षा बलों या लाइसेंसधारी विशेष अनुमति प्राप्त व्यक्तियों के पास ही मिलता है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कारतूस मिलने के बावजूद मौके से किसी पिस्तौल या हथियार का कोई हिस्सा नहीं मिला है। इससे जांच और पेचीदा हो गई है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये कारतूस वहां कैसे पहुंचे और क्या इनका संबंध विस्फोट को अंजाम देने वाले व्यक्ति से है।
जांच में नया आयाम
9 एमएम कारतूस मिलने से यह आशंका और गहरी हो गई है कि कहीं इस घटना के पीछे कोई आतंकी मॉड्यूल या संगठित आपराधिक गिरोह तो शामिल नहीं। विस्फोटक की सप्लाई चेन और उसके स्रोत की जांच भी तेज कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं और फोरेंसिक टीमों ने कई अहम सबूत भी जुटाए हैं।
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12 लोगों की मौत, सुरक्षा बढ़ाई गई
गौरतलब है कि 10 नवंबर को लाल किले के पास खड़ी एक सफेद i20 कार में हुए धमाके में 12 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई घायल हुए थे। इसके बाद से पूरे लाल किला क्षेत्र में सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई है और सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त जांच की जा रही है।
नई FIR दर्ज, साजिश के कोण की जांच
दिल्ली पुलिस ने शनिवार को इस मामले में आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत नई FIR दर्ज की है। इसके साथ ही जांच एजेंसियां यह भी समझने की कोशिश कर रही हैं कि कारतूस, विस्फोटक और संदिग्ध के बीच क्या कड़ी हो सकती है।
डॉ. उमर उन नबी की पहचान की पुष्टि
फोरेंसिक डीएनए रिपोर्ट में यह पुष्टि हो चुकी है कि विस्फोटक कार चलाने वाला व्यक्ति डॉ. उमर उन नबी था। उसका डीएनए उसकी मां के सैंपल से पूरी तरह मैच हुआ है।



