Sunday, March 29, 2026

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यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार, आईएसआई से संपर्क और संदिग्ध गतिविधियों की जांच जारी

लखनऊ /सर्वोदय :- हरियाणा पुलिस ने यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के संदेह में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी हिसार से की गई है, और शुरुआती जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

पाकिस्तानी एजेंसियों से संपर्क का आरोप

पुलिस के अनुसार, ज्योति मल्होत्रा पहलगाम आतंकी हमले और हालिया ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में थी। सूत्रों का कहना है कि उसने संवेदनशील सूचनाएं साझा की होंगी, हालांकि इस पर जांच अभी जारी है।

संदिग्ध यात्राएं और फंडिंग पर सवाल

जांच में खुलासा हुआ है कि ज्योति अब तक तीन बार पाकिस्तान और एक बार चीन की यात्रा कर चुकी है। हाल ही में उसने चौथी बार पाकिस्तान जाने के लिए वीजा आवेदन भी किया था, जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने खारिज कर दिया था।

उसकी आमदनी और खर्चों में बड़ा अंतर पाया गया है, जिससे फंडिंग स्रोतों पर गंभीर शक जताया जा रहा है। साइबर क्राइम सेल और इकनॉमिक इंटेलिजेंस यूनिट उसकी बैंक ट्रांजैक्शन्स, मोबाइल डेटा और लैपटॉप की गहन जांच कर रही हैं।

कश्मीर यात्रा और संदिग्ध गतिविधियां

गिरफ्तारी से पहले, ज्योति कश्मीर गई थी और पहलगाम हमले से पहले की यात्रा में उसने वहां के कई वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर डाले थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन यात्राओं का आतंकी घटनाओं से कोई सीधा संबंध है या नहीं।

संदिग्ध चैट्स और कॉल रिकॉर्ड्स

जांच में कुछ संदिग्ध विदेशी नंबरों से ज्योति के संपर्क और इंटरनेट चैट्स सामने आए हैं। इन चैट्स की भाषा और संदर्भ को लेकर एजेंसियां सतर्क हैं। कहा जा रहा है कि बातचीत में कोडवर्ड्स और सांकेतिक भाषा का प्रयोग हुआ है।

राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां जांच में शामिल

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी इस जांच में शामिल हो गई हैं। एनआईए (NIA) और आईबी (IB) के अधिकारी भी हरियाणा पहुंच चुके हैं और मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं।

क्या है अगला कदम?

पुलिस ने बताया कि ज्योति से लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डेटा की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। यदि विदेशी फंडिंग, जासूसी या आतंक से जुड़ा कोई ठोस सबूत मिला, तो उस पर यूएपीए (UAPA) जैसी सख्त धाराएं लगाई जा सकती हैं।

Source: Google

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