Thursday, March 26, 2026

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वॉट्सऐप और टेलीग्राम पर सरकार का बड़ा फैसला: अब अपने-आप लॉगआउट होगा आपका अकाउंट

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारत सरकार ने इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स—वॉट्सऐप, टेलीग्राम, जियो चैट, सिग्नल और Arratai—के उपयोग नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा जारी Telecommunication Cyber Security Amendment Rules, 2025 के तहत अब इन प्लेटफॉर्म्स के ऑपरेशन को नए साइबर सुरक्षा मानकों के अनुसार संचालित करना अनिवार्य होगा। सरकार का उद्देश्य तेजी से बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड, स्पैम और फर्जी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना है।

हर अकाउंट को एक ऐक्टिव सिम से जोड़ना अनिवार्य

नए निर्देश के मुताबिक वॉट्सऐप और अन्य मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग अब तभी संभव होगा, जब यूजर का अकाउंट एक सक्रिय सिम कार्ड से लिंक रहेगा। इसका मतलब यह है कि जिन सिमों का उपयोग नहीं हो रहा, उनसे बनाए गए अकाउंट पर रोक लग सकेगी। सरकार के अनुसार इससे साइबर अपराधियों के लिए पहचान छिपाना कठिन होगा।

हर 6 घंटे में होगा ऑटोमैटिक लॉगआउट

सरकार ने ऐप्स के वेब वर्जन के लिए एक और बड़ा बदलाव लागू किया है। अब:हर छह घंटे में वेब यूजर्स का ऑटोमैटिक लॉगआउट होगा। दोबारा लॉगइन करने के लिए यूजर को नया QR कोड स्कैन करके अपनी पहचान प्रमाणीकरण करनी होगी।

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सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम उन अपराधियों को रोकने में मदद करेगा जो इनऐक्टिव सिम या अनवेरिफाइड लॉगिन का फायदा उठाकर धोखाधड़ी करते हैं।

TIUE के रूप में नई कैटिगरी — वॉट्सऐप पर भी टेलीकॉम जैसे नियम

नए नियमों के तहत वॉट्सऐप को Telecommunication Identifier User Entity (TIUE) की श्रेणी में शामिल किया गया है।
यह कैटिगरी भारतीय दूरसंचार कानून में हाल ही में जोड़ी गई है और यह प्लेटफॉर्म्स को मोबाइल ऑपरेटर्स की तरह सख्त साइबर सुरक्षा और पहचान सत्यापन संबंधी प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए बाध्य करती है।

यह नियम मूल रूप से सिम-बाइंडिंग मॉडल पर आधारित है—यानी ऐप लगातार यह चेक करता रहेगा कि सिम कार्ड डिवाइस में मौजूद है | सिम सक्रिय और वैध है | फ्रॉड ट्रैक करना होगा आसान: सरकार

सरकार का कहना है कि इन नए दिशानिर्देशों से धोखाधड़ी करने वालों की गतिविधियों को ट्रेस करना काफी सरल हो जाएगा।

COAI (Cellular Operators Association of India) ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि अभी तक ऐप्स केवल पहली बार इंस्टॉलेशन पर सिम की पहचान करते हैं, इसके बाद ऐप स्वतंत्र रूप से चलता रहता है, जिससे गड़बड़ियों की संभावना बढ़ जाती है। नए नियम इन खामियों को खत्म करने में मदद करेंगे।

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