न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राज्यपाल के इस्तीफे को लेकर सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के दबाव में लिया गया हो सकता है।
चुनाव से पहले राज्यपाल का इस्तीफा, बढ़ी अटकलें
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल C. V. Ananda Bose ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका कार्यकाल नवंबर 2027 तक था, लेकिन उन्होंने लगभग 20 महीने पहले ही पद छोड़ दिया। बोस ने दिल्ली से इस्तीफे की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने करीब साढ़े तीन साल तक बंगाल के राज्यपाल के रूप में काम किया और उनके लिए यह समय पर्याप्त रहा। हालांकि, उन्होंने अपने इस्तीफे के कारणों का खुलासा नहीं किया।
ममता बनर्जी ने जताई चिंता
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि इस अचानक हुए फैसले से वह हैरान और चिंतित हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जानकारी मिली है कि बोस के इस्तीफे के बाद तमिलनाडु के राज्यपाल R. N. Ravi पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।
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ममता बनर्जी का आरोप है कि इस फैसले में राज्य सरकार से कोई सलाह नहीं ली गई और यह सहकारी संघवाद की भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस तरह के एकतरफा फैसले लोकतांत्रिक व्यवस्था और राज्यों की गरिमा के लिए सही नहीं हैं।
बीजेपी ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष Samik Bhattacharya ने ममता बनर्जी के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि राजभवन में बदलाव होना कोई असामान्य बात नहीं है और जानकारी के मुताबिक बोस ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है। उन्होंने टीएमसी पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।
चुनावी माहौल में बढ़ी सियासी गर्मी
राजनीतिक हलकों में यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि जल्द ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा होने की संभावना है। अपने कार्यकाल के दौरान सी.वी. आनंद बोस और राज्य सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर टकराव भी देखने को मिला था, जिससे यह इस्तीफा और अधिक चर्चा का विषय बन गया है।



