लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने ‘विशेष गहन पुनरीक्षण-2026’ (SIR) के तहत प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। इस 166 दिन लंबे अभियान के पूरा होने के साथ ही राज्य में मतदाताओं के आंकड़ों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
2 करोड़ मतदाता कम, नए आंकड़े जारी
नई सूची के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या अब 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 रह गई है, जो पहले 15.44 करोड़ थी। यानी करीब 2 करोड़ नाम सूची से हटाए गए हैं।
6 जनवरी 2026 को जारी ड्राफ्ट सूची में 12.55 करोड़ मतदाता दर्ज थे। पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान नए नाम जोड़ने और त्रुटियां सुधारने के बाद संख्या में वृद्धि हुई।
युवा मतदाताओं की बढ़ी भागीदारी
18-19 वर्ष आयु वर्ग के 3.33 लाख से अधिक नए मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं, जो युवाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
पुरुष-महिला मतदाता अनुपात
- पुरुष मतदाता: 7.30 करोड़ (54.54%)
- महिला मतदाता: 6.09 करोड़ (45.46%)
लिंगानुपात अब 1000 पुरुषों पर 834 महिलाओं का हो गया है, जो ड्राफ्ट सूची (824) के मुकाबले बेहतर है।
सूची में नाम नहीं है तो क्या करें?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया है कि जिन पात्र नागरिकों का नाम सूची में नहीं है, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है।
- नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरें
- आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन भी उपलब्ध है
- मतदाता अपना नाम आधिकारिक पोर्टल पर चेक कर सकते हैं
- मोबाइल नंबर के जरिए आवेदन करना संभव है
नाम हटाने के लिए क्या करें?
यदि किसी अपात्र या मृत व्यक्ति का नाम हटाना है, तो इसके लिए फॉर्म-7 के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
अपील का अधिकार भी उपलब्ध
अगर किसी व्यक्ति का नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो वह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 24 के तहत अपील कर सकता है।
- ERO के फैसले के खिलाफ 15 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के पास अपील
- DM के निर्णय के खिलाफ 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास दूसरी अपील
क्या है SIR अभियान?
‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) अभियान 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुआ था, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाना था।



