न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब प्रवेश छोड़ने की स्थिति में छात्रों को फीस वापसी के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राजभवन ने सभी विश्वविद्यालयों और संबद्ध कॉलेजों को निर्देश दिया है कि फीस रिफंड प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और ऑनलाइन की जाए।
नए नियमों के अनुसार संस्थानों को फीस वापसी के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा देनी होगी और अपनी वेबसाइट पर पूरी प्रक्रिया का विवरण भी उपलब्ध कराना होगा। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि छात्र से ली गई फीस हर हाल में लौटाई जाए।
छात्रों को अब नहीं करने पड़ेंगे चक्कर
वर्तमान व्यवस्था में छात्र प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए कई संस्थानों में आवेदन कर देते हैं। जहां पहले प्रवेश मिलता है, वहां फीस जमा करनी पड़ती है।
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बाद में बेहतर संस्थान में सीट मिलने पर वे फीस वापसी के लिए जाते हैं, लेकिन अक्सर संस्थान बहानों से रिफंड टालते रहते हैं, जिससे छात्रों—खासकर आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों—को बड़ी परेशानी होती है।
एक महीने में आवेदन करने वालों को प्राथमिकता
राजभवन ने निर्देश दिया है कि प्रवेश के एक महीने के भीतर फीस रिफंड के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों का रिफंड सबसे पहले प्रोसेस किया जाए। रिफंड सीधे छात्र के बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
उच्च शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि: फीस रिफंड प्रक्रिया ऑनलाइन हो, देरी न हो, फीस वापसी में कोई भी बहाना स्वीकार नहीं होगा| छात्रों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए| राजभवन के इस फैसले से हजारों छात्रों को अब फीस वापसी से जुड़ी लंबी प्रक्रिया और परेशानियों से राहत मिलेगी।



