न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टलने की संभावना बढ़ गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इसका मुख्य कारण विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) है, जो वर्तमान में प्राथमिकता पर चल रहा है। इसी वजह से पंचायत चुनाव संबंधित सभी तैयारियां फिलहाल रुकी हुई हैं।
सूत्रों का कहना है कि कुछ समय पहले ग्राम स्तर पर भी त्रिस्तरीय चुनाव की तैयारी के तहत मतदाता सूची का पुनरीक्षण शुरू किया गया था। लखनऊ में करीब 95 हजार नए मतदाता नामों को ई-बीएलओ ऐप के जरिए सूची में जोड़ा या संशोधित किया गया, जबकि कुल 678 बीएलओ पंचायत चुनाव के लिए नियुक्त किए गए हैं।
एसआईआर अभियान के दौरान एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक ही समय पर दोनों प्रकार के कार्य कर पाना संभव नहीं है। इससे मतदाताओं में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उदाहरण के तौर पर, एक ही घर में एक दिन बीएलओ विधान सभा या लोकसभा सूची के गणना प्रपत्र लेकर पहुंचता है और अगले दिन दूसरा बीएलओ पंचायत चुनाव की सूची लेकर आता है, जिससे मतदाता असमंजस में पड़ जाते हैं।
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पिछली बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 में हुए थे और पंचायतों का कार्यकाल अगले साल तक है। अधिकारी यह भी बताते हैं कि अगर चुनाव छह माह के लिए आगे बढ़े तो इससे कोई समस्या नहीं होगी।
लखनऊ में SIR अभियान के तहत लगभग 40 लाख मतदाताओं में गणना प्रपत्र बांटना और फिर वापस संकलित करना चुनौतीपूर्ण काम है। बीएलओ को प्रत्येक घर में मतदाता को प्रपत्र समझाने में भी काफी समय लग रहा है।
वहीं ग्राम पंचायतों में प्रत्याशी भी सक्रिय हैं और जीत के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। प्रशासनिक तैयारी अचानक SIR अभियान के चलते ठहर गई है। इसके बावजूद, आगामी पंचायत चुनाव मार्च और अप्रैल में प्रस्तावित हैं।



