न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- वाराणसी (काशी) में मंगलवार को उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से यूपी-एमपी सहयोग सम्मेलन 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन का उद्घाटन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी और एमएसएमई मंत्री राकेश सचान भी शामिल रहेंगे।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच औद्योगिक निवेश, निर्यात, हस्तशिल्प, पर्यटन और कौशल विकास के क्षेत्र में एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है। कार्यक्रम में उद्यमियों, निर्यातकों और शिल्पकारों के बीच संवाद स्थापित किया जाएगा।
औद्योगिक और पर्यटन संभावनाओं पर फोकस
सम्मेलन में ओडीओपी (One District One Product), जीआई टैग उत्पादों, कृषि क्षेत्र, निवेश के अवसरों और बाजार विस्तार पर चर्चा होगी। साथ ही, वाराणसी, उज्जैन और चित्रकूट को जोड़ते हुए एक संयुक्त धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने पर भी विचार किया जाएगा।
सम्मेलन स्थल पर मध्य प्रदेश के ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे उद्यमियों को नए बाजार और अवसरों की जानकारी मिल सके।
गंगा-नर्मदा क्राफ्ट कॉरिडोर की पहल
कार्यक्रम के दौरान शिल्पकारों की संयुक्त कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें चंदेरी और महेश्वरी कला के कारीगरों के साथ बनारसी सिल्क के शिल्पकार भाग लेंगे। इस दौरान “गंगा-नर्मदा क्राफ्ट कॉरिडोर” की अवधारणा पर मंथन होगा, जिससे पारंपरिक हस्तशिल्प को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का करेंगे निरीक्षण
मुख्यमंत्री मोहन यादव काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निरीक्षण करेंगे। यह दौरा सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां भीड़ प्रबंधन तकनीकों का अध्ययन किया जाएगा।
सम्राट विक्रमादित्य पर भव्य नाटक
काशी में इस सप्ताह सम्राट विक्रमादित्य की वीर गाथा पर आधारित भव्य नाटक का मंचन भी किया जाएगा। इस कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मोहन यादव करेंगे।
नाटक में 175 से अधिक कलाकार हिस्सा लेंगे और इसे आधुनिक ग्राफिक्स, विशेष प्रभावों और वास्तविक रथ-घोड़े जैसे तत्वों के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। आम लोगों के लिए इसमें प्रवेश निशुल्क रहेगा।
वैदिक घड़ी की अनूठी पहल
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव, योगी आदित्यनाथ को एक “वैदिक घड़ी” भेंट करेंगे, जिसे काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित किया जाएगा। यह घड़ी डिजिटल तकनीक से जुड़ी है और 180 से अधिक भाषाओं में पंचांग और समय की जानकारी प्रदान करती है। इसकी शुरुआत पहले उज्जैन में की जा चुकी है।



