न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के किसानों और पशुपालकों के लिए योगी सरकार ने बड़ी सौगात का ऐलान किया है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि प्रदेश के सभी विकास खंडों (ब्लॉकों) में पशुओं के इलाज के लिए पशुधन औषधि केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर 24 घंटे एथनोमेडिसिन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
मंत्री ने कहा कि गोवंश सहित अन्य पशुओं के बेहतर इलाज के लिए पीपीपी मॉडल के तहत वेटनरी और पैरावेटनरी सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसके साथ ही पशुओं की जांच के लिए अलग से पैथोलॉजी केंद्र भी खोले जाएंगे। किसानों को राहत देते हुए सरकार ने नई चारा नीति लागू की है, जिसके तहत किसानों को चारे का बीज मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे अपने खेतों में चारे का उत्पादन कर सकें।
धर्मपाल सिंह मंगलवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय बजट के बाद उत्तर प्रदेश के पशुपालन और दुग्ध विकास क्षेत्र को मिलने वाले लाभों की जानकारी दे रहे थे।
अनुदान राशि में 3.5 गुना बढ़ोतरी
उन्होंने बताया कि पशुपालकों को लाभ पहुंचाने वाली अनुदानित योजनाओं के लिए वर्ष 2021-22 में जहां 6.02 करोड़ रुपये का बजट था, वहीं वर्ष 2025-26 में इसे बढ़ाकर 22.45 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो करीब साढ़े तीन गुना वृद्धि है। बकरी, भेड़, सूकर और बैकयार्ड कुक्कुट पालन जैसी योजनाओं से पशुपालकों की आय बढ़ेगी और पोषण स्तर में भी सुधार होगा।
दुग्ध और अंडा उत्पादन में बड़ा इजाफा
प्रदेश में पशुजन्य उत्पादों का सकल मूल्यवर्धन वर्ष 2017-18 में 0.99 लाख करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1.72 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसी अवधि में पशुपालन क्षेत्र में 8.2 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की गई है।
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दुग्ध उत्पादन भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। वर्ष 2017-18 में जहां दुग्ध उत्पादन 290.52 लाख मीट्रिक टन था, वह 2024-25 में बढ़कर 388.15 लाख मीट्रिक टन हो गया है, यानी करीब 33 प्रतिशत की वृद्धि। वहीं अंडा उत्पादन 244 करोड़ से बढ़कर 611 करोड़ पहुंच गया है, जो लगभग ढाई गुना वृद्धि को दर्शाता है।
बर्ड फ्लू को लेकर सरकार सतर्क
बिहार में फैल रहे बर्ड फ्लू को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पूरी तरह सतर्क है। बिहार से सटे सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई है और वहां से आने वाले मुर्गी व अंडों से लदे वाहनों की सख्ती से जांच की जा रही है। सभी सीमावर्ती जिलों में वैक्सीन और दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। फिलहाल प्रदेश में बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है।



