लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में कुल 32 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 30 को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे अहम निर्णय मुख्यमंत्री फेलो (CM Fellow) योजना से जुड़े युवाओं को लेकर लिया गया, जिसके तहत उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार की भर्तियों में विशेष राहत प्रदान की गई है।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, अब मुख्यमंत्री फेलो को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के माध्यम से होने वाली भर्तियों में आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री फेलो के रूप में प्राप्त प्रशासनिक अनुभव के आधार पर उन्हें अतिरिक्त वेटेज (भारांक) भी मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर अवसर मिलेंगे और उनके अनुभव का लाभ प्रशासन को भी मिलेगा।
शिक्षकों के लिए भी बड़ी सौगात
मंत्रिपरिषद की बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों के लिए भी राहत भरे फैसले लिए गए। बेसिक शिक्षा विभाग के 11 लाख 95 हजार 391 शिक्षक और कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने का निर्णय लिया गया है। वहीं, माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 2 लाख 97 हजार 589 शिक्षकों और कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
बजट सत्र की तारीखें तय
बैठक में उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की तारीखों की भी घोषणा की गई। विधानसभा का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होगा, जबकि 11 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना राज्य का बजट प्रस्तुत करेंगे।
शहरी विकास से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी
शहरी विकास से संबंधित प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली। वाराणसी के 18 वार्डों में सीवरेज लाइन बिछाने के लिए 266 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति दी गई है। वहीं, गोरखपुर में 721 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज परियोजना को मंजूरी दी गई।
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इसके साथ ही उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत पुरानी और अनुपयोगी संपत्तियों को ध्वस्त कर नई इमारतों के निर्माण का रास्ता साफ होगा।
शोक प्रस्ताव भी पारित
मंत्रिपरिषद की बैठक में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया और शोक प्रस्ताव पारित किया गया। कैबिनेट ने इसे अपूरणीय क्षति बताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।



