न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें अपने घर के पास के स्कूलों में तैनाती मिलेगी। इसके लिए स्कूल शिक्षा महानिदेशक की ओर से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश भेज दिए गए हैं। यह व्यवस्था पहले ही दिसंबर में शासनादेश के माध्यम से जारी की गई थी।
शासनादेश के अनुसार, शिक्षामित्रों को पहले उनके मूल विद्यालय में तैनात किया जाएगा। यदि मूल विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक मौजूद हैं, तो उन्हें नजदीकी स्कूल में पोस्ट किया जाएगा। इसके अलावा, महिला शिक्षकों को उनकी ससुराल के पास के स्कूलों में तैनाती का विकल्प भी उपलब्ध होगा।
स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने बताया कि यह तैनाती जिला स्तर पर की जाएगी और इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति बनाए जाएगी।
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जानकारी के अनुसार, सपा सरकार के दौरान प्रदेश में लगभग 1.37 लाख शिक्षामित्रों को शिक्षक के पद पर नियुक्त किया गया था। शिक्षक बनने के बाद उन्हें दूसरे ब्लॉक में पोस्टिंग दी गई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार उनका समायोजन रद कर दिया गया और वे फिर से शिक्षामित्र बन गए, लेकिन अपने मूल विद्यालय से दूर रह गए।
सरकार ने 2018 में शिक्षामित्रों को अपने मूल विद्यालय में लौटने का अवसर दिया था। उस समय लगभग एक लाख शिक्षामित्र वापस लौट आए थे, जबकि करीब 35 हजार शिक्षामित्र शिक्षक बनने की उम्मीद में अपने मूल विद्यालय नहीं लौटे थे।



