लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में बिल्डरों के लिए बड़ी राहत की खबर है। Yogi Adityanath सरकार ने शहरों में Pradhan Mantri Awas Yojana Urban 2.0 के तहत कम भूमि पर आवासीय परियोजनाएं विकसित करने की अनुमति दे दी है। अब इस योजना के अंतर्गत न्यूनतम तीन हेक्टेयर भूमि पर फ्लैट और मकान बनाए जा सकेंगे।
नई व्यवस्था के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए बनाए जाने वाले मकानों की कीमत अधिकतम 9 लाख रुपये तय की गई है। इनमें केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कुल 2.5 लाख रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा। इसके अलावा विशेष फोकस समूह के तहत वरिष्ठ नागरिकों को 30 हजार रुपये और एकल महिलाओं को 20 हजार रुपये की अतिरिक्त छूट मिलेगी। प्रमुख सचिव आवास P. Guruprasad ने इस संबंध में शुक्रवार को शासनादेश जारी किया।
बिल्डरों के लिए तय की गई नेटवर्थ की शर्त
नई नीति के तहत परियोजना शुरू करने वाले बिल्डरों के लिए न्यूनतम नेटवर्थ की शर्त भी तय की गई है।
- तीन हेक्टेयर तक की परियोजना के लिए 2 करोड़ रुपये
- तीन से पांच हेक्टेयर के लिए 5 करोड़ रुपये
- पांच से दस हेक्टेयर तक 1 करोड़ रुपये
- 10 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर प्रति हेक्टेयर या उसके हिस्से के बराबर 1 करोड़ रुपये नेटवर्थ
साथ ही सभी आवासीय परियोजनाओं में कम से कम 10 प्रतिशत मकान EWS और LIG वर्ग के लिए अनिवार्य रूप से बनाने होंगे।
निर्माण पूरा करने की समय सीमा तय
सरकार ने परियोजनाओं के निर्माण की समय सीमा भी तय की है।
- चार मंजिल तक की परियोजना को 24 महीनों में पूरा करना होगा।
- चार मंजिल से अधिक होने पर 36 महीनों में निर्माण पूरा करना होगा।
निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority (RERA) में पंजीकरण और परियोजना प्रस्ताव में तय समयसीमा के अनुसार पूरी करनी होगी। बिल्डरों को हर तीन महीने में इसकी रिपोर्ट देनी होगी।
पात्रता और आवंटन की प्रक्रिया
EWS मकानों के लिए वही परिवार पात्र होंगे जिनके पास देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं है। लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी और अविवाहित बेटे-बेटियां शामिल होंगी।
मकानों का आवंटन महिला मुखिया के नाम या पति-पत्नी के संयुक्त नाम से किया जाएगा। यदि परिवार में वयस्क महिला सदस्य नहीं है तो मकान पुरुष के नाम पर आवंटित किया जाएगा।
आवंटन प्रक्रिया में विधवा, एकल महिला, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, ट्रांसजेंडर, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वंचित वर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी।
डीएम की अध्यक्षता में बनेगी जिला कमेटी
आवासों के लिए आवेदन PMAY-U 2.0 Portal पर ऑनलाइन किए जाएंगे। सत्यापन के लिए जिलाधिकारी या नगर आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें डूडा परियोजना अधिकारी और अधिशासी अधिकारी सदस्य होंगे।
आवेदन के लिए 10 हजार रुपये पंजीकरण शुल्क रखा गया है और मकानों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।
मकानों की कीमत और अन्य रियायतें
30 वर्ग मीटर तक के मकानों की कीमत 9 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इससे बड़े मकानों की कीमत क्षेत्रफल के अनुसार तय होगी।
लाभार्थियों को केंद्र और राज्य सरकार का 2.5 लाख रुपये का अनुदान अधिकतम एक महीने के भीतर दिया जाएगा। EWS मकानों की रजिस्ट्री केवल 500 रुपये के स्टांप पर की जाएगी।
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इसके अलावा योजना के तहत मकान बनाने वाले बिल्डरों को मानचित्र स्वीकृति, अनुज्ञा, निरीक्षण, ले-आउट डिपॉजिट और अन्य शुल्कों में भी छूट दी जाएगी।
बड़े शहरों में विकास शुल्क की व्यवस्था
Lucknow, Ghaziabad, Kanpur, Agra, Varanasi, Prayagraj, Meerut और Gautam Buddha Nagar में इस योजना के तहत बनने वाली परियोजनाओं पर कुल क्षेत्रफल के आधार पर 50 प्रतिशत बाह्य विकास शुल्क लिया जाएगा, जबकि अन्य शहरों में यह 25 प्रतिशत होगा।
यह शुल्क तीन छमाही किस्तों में जमा करना होगा और देरी होने पर 3 प्रतिशत अतिरिक्त दंड ब्याज देना पड़ेगा।



