न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। शनिवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन होना है, जिसमें सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी पार्टी मुख्यालय पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कार्यालय पहुंचे और वही पंकज चौधरी के नामांकन प्रस्तावक होंगे। नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का औपचारिक ऐलान रविवार को किया जाएगा।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, पंकज चौधरी पांच सेट में अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। उनके नामांकन के लिए कुल दस प्रस्तावकों के नाम तय किए गए हैं। इनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, स्वतंत्र देव सिंह, सूर्य प्रताप शाही, सुरेश खन्ना, बेबी रानी मौर्य, साध्वी निरंजन ज्योति और नीलिमा कटियार शामिल हैं।
प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर शनिवार को दिनभर बैठकों का दौर चला। नामांकन प्रक्रिया की जिम्मेदारी उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश महामंत्री संजय राय को सौंपी गई है। वहीं, रविवार को नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा का कार्यक्रम डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम की जिम्मेदारी उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला को दी गई है।
इस बीच, पंकज चौधरी के यूपी भाजपा का नया अध्यक्ष बनने की अटकलें लगभग तय मानी जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष भी पूर्वांचल से होने जा रहा है। महाराजगंज से सांसद और केंद्र सरकार में मंत्री पंकज चौधरी शनिवार को दिल्ली से लखनऊ पहुंचकर नामांकन कर रहे हैं, जबकि रविवार को उनके नाम की औपचारिक घोषणा होगी।
भाजपा की घोषित चुनाव प्रक्रिया के तहत शनिवार को नामांकन, उसके अगले दिन नामांकन पत्रों की जांच और वापसी होगी। इसके बाद 14 दिसंबर को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में हुई बैठकों के बाद कुल 464 मतदाताओं की सूची तय की गई है। इसमें प्रदेश परिषद के सदस्य, पांच सांसद और 34 विधायक शामिल हैं। पार्टी नियमों के अनुसार, भाजपा विधानमंडल के सदस्यों की कुल संख्या का 10 प्रतिशत और यूपी कोटे के लोकसभा व राज्यसभा सांसदों में से दस को मतदाता बनाया जाता है। केंद्रीय चुनाव अधिकारी के रूप में नियुक्त केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा करेंगे।
उधर, मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के भविष्य की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। हाल ही में उनकी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद अटकलों का बाजार गर्म है।
भाजपा नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा को भव्य बनाने की तैयारी में जुटी है। पार्टी इसे मेगा इवेंट के रूप में आयोजित करेगी, जिसके लिए संगठन स्तर पर जिम्मेदारियां तय की जा चुकी हैं। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने भी दोनों उप मुख्यमंत्रियों और प्रदेश नेतृत्व के साथ बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया है।
गौरतलब है कि बीते दस वर्षों में भाजपा ने चार प्रदेश अध्यक्ष चुने हैं, जिनमें से तीन ओबीसी वर्ग से रहे हैं। वर्तमान अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी पार्टी के 17वें प्रदेश अध्यक्ष हैं। हाल के वर्षों में यूपी भाजपा की राजनीति में ओबीसी नेतृत्व को लगातार प्राथमिकता मिलती रही है।



