न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर बड़ा सैन्य हमला कर सकता है।
“समझौता नहीं तो तबाही तय”
सोशल मीडिया पर जारी बयान में ट्रंप ने कहा कि भले ही बातचीत में प्रगति हो रही है, लेकिन यदि जल्द कोई समझौता नहीं हुआ और होर्मुज मार्ग को तुरंत नहीं खोला गया, तो अमेरिकी सेना ईरान के बिजली संयंत्रों, तेल कुओं और खार्ग द्वीप जैसे अहम ठिकानों को निशाना बना सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर समुद्री जल को पीने योग्य बनाने वाले संयंत्र (डिसैलिनेशन प्लांट) भी हमलों की जद में आ सकते हैं।
ईरान की पलट चेतावनी
दूसरी ओर, ईरान ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि अगर उसके क्षेत्र पर हमला हुआ, तो वह फारस की खाड़ी में बारूदी सुरंगें बिछा सकता है। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
क्षेत्र में हमले और बढ़ती गतिविधियां
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और इज़रायल ने क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं। वहीं ईरान पर आरोप है कि उसने कुवैत में एक महत्वपूर्ण बिजली और पानी संयंत्र तथा इज़रायल की एक तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया है।
6 अप्रैल तक की समयसीमा
ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान को समझौते के लिए सीमित समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा ढांचे पर हमले फिलहाल रोके गए हैं, लेकिन यह रोक 6 अप्रैल तक ही लागू रहेगी। इसके बाद अमेरिका कड़ी कार्रवाई कर सकता है।
सैन्य तैयारी भी जारी
एक ओर बातचीत की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती भी कर रहा है। इससे संकेत मिलते हैं कि कूटनीति के साथ-साथ सैन्य विकल्प भी खुले रखे गए हैं।
वहीं, तेहरान ने अमेरिका के इस रुख पर सवाल उठाते हुए कहा है कि बातचीत के नाम पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई जा रही है। हालांकि ईरान ने सीधे तौर पर किसी औपचारिक वार्ता से इनकार किया है।



