सर्वोदय/लखनऊ:- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना की और उन पर प्रयागराज में जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया। सीएम योगी ने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या यह वक्फ बोर्ड है या भू-माफिया बोर्ड?” उन्होंने वक्फ बोर्ड द्वारा महाकुंभ के आयोजन के दौरान प्रयागराज की कुंभ भूमि पर कब्जे के प्रयास की भी निंदा की।
सीएम योगी का कड़ा बयान: ‘राष्ट्र के प्रति निष्ठा नहीं, तो महाकुंभ जैसा आयोजन नहीं कर सकते’
प्रयागराज में निषादराज गुहा जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा, “कुछ लोग नहीं चाहते थे कि प्रयागराज जैसी पौराणिक जगह को अपनी पहचान मिले क्योंकि उनके लिए उनका वोट बैंक महत्वपूर्ण था। वक्फ बोर्ड के नाम पर प्रयागराज और अन्य शहरों में जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गई। जब हम महाकुंभ का आयोजन कर रहे थे, तब वक्फ बोर्ड ने मनमाने तरीके से दावा किया कि कुंभ की भूमि भी वक्फ की है।” योगी ने वक्फ बोर्ड के इस रवैये को खारिज करते हुए कहा कि जिन लोगों के मन में राष्ट्र के प्रति निष्ठा नहीं होती, वे महाकुंभ जैसे ऐतिहासिक और राष्ट्रीय आयोजन नहीं कर सकते।
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 का समर्थन
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकसभा में पारित वक्फ संशोधन विधेयक 2025 का समर्थन किया। इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार करना और वक्फ बोर्डों की कार्यकुशलता को बढ़ाना है। योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह विधेयक राज्यसभा में भी पारित होगा।
उन्होंने कहा, “हमने उत्तर प्रदेश से माफिया का सफाया कर दिया है और हम प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के आभारी हैं कि उन्होंने वक्फ बोर्ड पर लगाम लगाई।”
वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025: क्या है इसका उद्देश्य?
वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 का उद्देश्य 1995 के वक्फ अधिनियम में संशोधन करना और वक्फ संपत्तियों के प्रशासन में सुधार लाना है। इसमें पंजीकरण प्रक्रिया को सुधारने, वक्फ अभिलेखों के प्रबंधन में प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल बढ़ाने, और वक्फ बोर्डों की कार्यकुशलता में सुधार की कोशिश की जाएगी। विधेयक के पारित होने के बाद, वक्फ संपत्तियों की निगरानी और प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
लोकसभा में पारित विधेयक पर हुई बहस
विधेयक पर लोकसभा में 12 घंटे तक बहस चली और आखिरकार इसे 288 मतों से पारित किया गया, जबकि 232 मत इसके खिलाफ थे। अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा, जहां इसकी चर्चा और पारित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने वक्फ बोर्ड पर निशाना साधते हुए यह स्पष्ट किया कि सरकार वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की और कहा कि इस विधेयक से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी। साथ ही, योगी ने वक्फ बोर्ड द्वारा प्रयागराज में किए गए कब्जे के प्रयास की कड़ी आलोचना की।



