लखनऊ/सर्वोदय:-उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में सोने की तस्करी का एक अद्भुत और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यदि शुक्रवार को बदमाशों ने सऊदी अरब से लौटे छह लोगों का अपहरण न किया होता, तो शायद यह तस्करी का रहस्य हमेशा के लिए दफन रह जाता। अपहरण, मुठभेड़ और अल्ट्रासाउंड जांच के बाद अब पुष्टि हो चुकी है कि चार लोगों के पेट में सोने के कैप्सूल छिपाए गए थे।
कैसे हुआ सोने की तस्करी का पर्दाफाश?
शुक्रवार को रामपुर के टांडा बादली क्षेत्र के छह लोग—शाने आलम, मुतल्लवी, मोहम्मद नावेद, जाहिद अली, अजहरुद्दीन और जुल्फेकार—सऊदी अरब से दिल्ली एयरपोर्ट के रास्ते भारत लौटे थे। जब वे कार से टांडा लौट रहे थे, तभी लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर पुराने टोल प्लाजा के पास बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया। अपहरण की सूचना पर हरकत में आई पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को गिरफ्तार करते हुए सभी को सकुशल छुड़ा लिया।
अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा
शनिवार को पुलिस ने सभी छह लोगों की मेडिकल जांच करवाई। सीएचसी मूंढापांडे में डॉक्टरों ने रिपोर्ट देने में आनाकानी की, जिससे शक और गहरा गया। इसके बाद पुलिस ने निजी लैब और फिर जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया। रिपोर्ट में साफ हुआ कि चार लोगों के पेट में सोना मौजूद है, जबकि दो के पेट में कुछ नहीं मिला।
कस्टम विभाग को भेजी गई सूचना, मेडिकल टीम कर रही निगरानी
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के मुताबिक, कस्टम विभाग को मामले की जानकारी दे दी गई है।
चारों संदिग्ध तस्करों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है और अब तक पेट से नौ सोने के कैप्सूल निकाले जा चुके हैं, जिनमें से हर कैप्सूल का वजन लगभग 25 ग्राम है।
अभी तक करीब 225 ग्राम सोना बरामद किया गया है और डॉक्टरों का कहना है कि अभी और कैप्सूल शेष हैं।
दिल्ली एयरपोर्ट की सुरक्षा को चकमा देकर पहुंचे मुरादाबाद
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह चारों युवक दिल्ली एयरपोर्ट पर जांच एजेंसियों की निगाह से बचकर बाहर निकल आए।
एयरपोर्ट की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद, पेट में सोना छुपाकर तस्करी करने में सफल रहे।
मुरादाबाद पहुंचने से पहले ही उनके संबंध में जानकारी बदमाशों तक लीक हो गई थी।
टांडा से हुई थी तस्करी की मुखबिरी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इन युवकों की गतिविधियों की जानकारी बदमाशों को टांडा के ही कुछ लोगों ने दी थी।
फिलहाल पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।
सोना बरामद होते ही परिजन अस्पताल से फरार
जब पुलिस ने तस्करों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, तो उनके परिजन भी मौजूद थे। लेकिन जैसे ही अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में सोना होने की पुष्टि हुई, सभी परिजन वहां से भाग निकले।
सोना निकालने के लिए दवाई और विशेष भोजन
मेडिकल टीम ने बताया कि पेट से सोना निकालने के लिए तस्करों को विशेष डाइट और दवाइयाँ दी जा रही हैं, ताकि कैप्सूल बाहर निकाले जा सकें। प्रत्येक कैप्सूल को निकालने में समय लग सकता है, इसलिए चारों को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है।



