लखनऊ/सर्वोदय :- भारतीय वायुसेना की एक बहादुर अधिकारी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह, आज पूरे देश की प्रेरणा बन चुकी हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी वीरता, तेज निर्णय क्षमता और नेतृत्व की मिसाल ने उन्हें एक राष्ट्रीय हीरो बना दिया है। पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के जवाब में उनकी भूमिका ने देशवासियों का दिल जीत लिया है।
ऑपरेशन सिंदूर: बहादुरी की मिसाल
भारत-पाकिस्तान के बीच हाल ही में बढ़े तनाव और कश्मीर घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना की जवाबी कार्रवाई में व्योमिका सिंह का नेतृत्व निर्णायक साबित हुआ। उन्होंने अपने दस्ते को दुर्गम पहाड़ी इलाकों में न केवल मार्गदर्शन दिया, बल्कि मिशन की सफलता में निर्णायक भूमिका निभाई।
पारिवारिक पृष्ठभूमि: फौजी खून, देशभक्ति की विरासत
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जन्मी व्योमिका सिंह की शादी हरियाणा के भिवानी जिले के बापोड़ा गांव में हुई, जो ‘फौजियों का गांव’ कहलाता है। उनके पति विंग कमांडर दिनेश सिंह सभ्रवाल भी भारतीय वायुसेना में सेवारत हैं।
यह संयोग नहीं, बल्कि समर्पण की परंपरा है — बापोड़ा गांव से कई उच्च सैन्य अधिकारी निकल चुके हैं, जिनमें पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल वी.के. सिंह भी शामिल हैं।
शिक्षा और करियर: सपनों से ऊंची उड़ान
- लखनऊ से स्कूलिंग और इंजीनियरिंग की पढ़ाई।
- एनसीसी से प्रशिक्षण प्राप्त किया।
- 2004 में बनीं भारतीय वायुसेना की प्रारंभिक महिला अधिकारियों में से एक।
- चेतक और चीता हेलीकॉप्टरों की उड़ान में महारत।
- 2500 से अधिक घंटे की उड़ान का अनुभव।
प्रेरणा की मिसाल: हर बेटी का सपना
विंग कमांडर व्योमिका सिंह की कहानी उस हर भारतीय लड़की के लिए प्रेरणा है, जो आसमान को छूने का सपना देखती है। वह न केवल एक अफसर हैं, बल्कि एक मां, एक पत्नी और एक देशभक्त नागरिक भी हैं, जिन्होंने अपनी ज़िम्मेदारियों को बखूबी निभाया है।



