लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- धर्मांतरण के नाम पर देशभर में चर्चित हो चुके छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) को छांगुर बाबा की पांच दिन की कस्टडी कोर्ट से मिल गई है, जिसके तहत अब उनसे 100 करोड़ से ज्यादा की संदिग्ध संपत्ति और विदेशी फंडिंग का पूरा हिसाब लिया जाएगा।
ईडी और एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में बलरामपुर के उतरौला समेत कई इलाकों में छांगुर और उसके सहयोगियों से जुड़ी 75 करोड़ रुपये से अधिक की 10 बड़ी संपत्तियां चिह्नित की गई हैं। इनमें प्लॉट, शोरूम, कृषि भूमि और रिहायशी संपत्तियां शामिल हैं, जिन पर जल्द ही जब्ती और बुलडोजर की कार्रवाई संभव है।
एटीएस सूत्रों के अनुसार, छांगुर बाबा को विदेशी मुस्लिम संगठनों से भारी फंडिंग मिली थी, जिसका उपयोग गैर-मुस्लिमों के धर्मांतरण और संपत्ति खरीदने में किया गया। जांच एजेंसियों को मिले डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य यह पुष्टि करते हैं कि यह एक सुनियोजित धर्मांतरण सिंडिकेट था।
जांच में सामने आया है कि छांगुर गैंग को सक्रिय रूप से मदद करने वाले करीब 3,000 लोग अब ATS और ED की रडार पर हैं। इनमें कई महिलाओं और युवतियों की भूमिका भी उजागर हुई है, जिन्होंने बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन करवाने में अहम भूमिका निभाई।
छांगुर ने धर्मांतरण को फैलाने के लिए एक कव्वाली टीम बना रखी थी, जिसका संचालन उसका भतीजा सबरोज करता था। सबरोज न सिर्फ लोगों को छांगुर से मिलवाता था, बल्कि धर्मांतरण के प्रचार-प्रसार में भी जुटा था। बीते शनिवार को सबरोज के घर पर बुलडोजर चलाया गया, जो छांगुर के लिए एक अहम ठिकाना माना जाता था।



