लाइफस्टाइल/सर्वोदय न्यूज़:- पालतू जानवर, विशेष रूप से कुत्ते और बिल्लियाँ, हमारे परिवार का हिस्सा बन जाते हैं। लेकिन जब इन प्यारे साथियों को त्वचा संबंधी बीमारियाँ होती हैं, तो यह न केवल उनके लिए असहज होता है बल्कि उनके मालिकों के लिए भी चिंता का कारण बनता है। त्वचा संक्रमण (Skin Infections) पालतू जानवरों में बहुत आम हैं और समय पर इलाज न हो तो यह गंभीर रूप ले सकते हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि कुत्तों और बिल्लियों में त्वचा संक्रमण क्यों होते हैं, इसके प्रकार क्या हैं, लक्षण क्या होते हैं, और कैसे इनसे बचाव किया जा सकता है।
त्वचा संक्रमण के मुख्य कारण
- परजीवी (Parasites)
फ्ली (Fleas), टिक (Ticks), माइट्स जैसे बाहरी परजीवी त्वचा पर खाज, खुजली और लाल चकत्ते का कारण बनते हैं।
डेमोडेक्स और सारकॉप्टिक माइट्स गंभीर खुजली और बाल झड़ने का कारण बनते हैं।
- फंगल इन्फेक्शन (Fungal Infections)
रिंगवर्म (Ringworm) एक आम फंगल संक्रमण है जो गोल-गोल बाल झड़ने वाले घावों के रूप में दिखाई देता है। यह संक्रमण संक्रामक होता है और इंसानों में भी फैल सकता है।
- बैक्टीरियल इन्फेक्शन (Bacterial Infections)
स्किन पर किसी भी प्रकार की चोट, एलर्जी या फंगल संक्रमण के बाद सेकेंडरी बैक्टीरियल इन्फेक्शन आम बात है। पायोडर्मा (Pyoderma) एक आम बैक्टीरियल स्किन डिज़ीज़ है जिसमें फुंसी, पस, और गंध आ सकती है।
- एलर्जी (Allergies)
फूड एलर्जी, डस्ट, पोलन या केमिकल्स के कारण त्वचा पर खुजली और दाने हो सकते हैं।
- हार्मोनल गड़बड़ी
थायरॉइड, एड्रिनल या सेक्स हार्मोन्स की असंतुलन से भी त्वचा पर प्रभाव पड़ता हैl
लक्षण (Symptoms)
अत्यधिक खुजली या खुद को चाटना/काटना, लालिमा, सूजन, रैश या फोड़े, बाल झड़ना (Hair loss), त्वचा का मोटा होना या काली पड़ जाना, गंध आना, घाव से पस या खून, व्यवहार में चिड़चिड़ापन या बेचैनी
उपचार (Treatment)
- सटीक निदान आवश्यक
स्किन स्क्रैपिंग, फंगल कल्चर, ब्लड टेस्ट या एलर्जी टेस्ट के माध्यम से कारण जानना जरूरी हैl
- दवाएं
एंटीबायोटिक्स – बैक्टीरियल इन्फेक्शन के लिए
एंटीफंगल दवाएं – फंगल संक्रमण के लिए
एंटी-पैरासाइटिक ट्रीटमेंट – टिक, फ्ली और माइट्स के लिए
एंटीहिस्टामिन या स्टेरॉयड – एलर्जी के लिए
- स्नान और मेडिकेटेड शैम्पू
क्लोरहेक्सिडीन, केटोकोनाज़ोल, या सल्फर युक्त शैम्पू स्किन को साफ करने में मदद करते हैं।
- पोषण और इम्युनिटी
संतुलित आहार, ओमेगा फैटी एसिड सप्लीमेंट्स और विटामिन त्वचा को स्वस्थ रखने में सहायक हैं।
बचाव के उपाय (Prevention Tips)
जानवरों की नियमित सफाई और स्नान,फ्ली और टिक कंट्रोल प्रोडक्ट्स का उपयोग,साफ-सुथरा और सूखा वातावरण,नियमित रूप से ब्रशिंग और स्किन चेकअप, समय-समय पर वैक्सीनेशन और डिवॉर्मिंग, किसी भी प्रकार की त्वचा समस्या को नजरअंदाज न करें |
त्वचा संक्रमण पालतू जानवरों में आम समस्या है, लेकिन समय पर पहचान और इलाज से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। यदि आपके पालतू में लगातार खुजली, बाल झड़ना या त्वचा पर घाव दिखे, तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। ध्यान रखें कि स्वस्थ त्वचा, पालतू की सेहत का आईना होती है।
डॉ. हेमंत कुमार तिवारी
(पशु चिकित्सक)



