सर्वोदय/मथुरा:- मथुरा के छाता क्षेत्र में एक आंगनवाड़ी केंद्र से एक गंभीर घटना की खबर सामने आई है, जहां एक शिक्षिका और आंगनवाड़ी सहायिका के बीच हुई हिंसक झगड़े ने सभी को चौंका दिया। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो में दोनों महिलाएं एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाते हुए दिखाई दे रही हैं। बाल खींचने और गालियाँ देने के साथ-साथ यह मारपीट इतनी भयानक थी कि वहां मौजूद बच्चे भयभीत हो गए। यह घटना न केवल शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में डालती है, बल्कि बच्चों के भविष्य को लेकर भी चिंता पैदा करती है।
इस वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला पीले सूट में और दूसरी सहायिका आपस में भिड़ गईं। दोनों के बीच पहले तीखी बहस हुई, जो फिर हाथापाई में बदल गई। एक महिला को जमीन पर गिरा दिया गया, उसके बाल खींचे गए और फिर लात-घूंसे चलने लगे। कुछ लोग बीच-बचाव की कोशिश करते नजर आए, लेकिन दोनों महिलाएं गुस्से में इतनी खोई हुई थीं कि किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थीं। वीडियो के अंत में एक महिला बेहोश होकर जमीन पर पड़ी हुई नजर आई, जिसे देखकर उपस्थित लोग उसे उठाने का प्रयास कर रहे थे। यह सब कुछ बच्चों के सामने हुआ, जिसने माहौल को और भी तनावपूर्ण बना दिया।
इस घटना ने स्थानीय अभिभावकों में गुस्सा उत्पन्न कर दिया है। उनका कहना है कि अगर स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर शिक्षक और कर्मचारी इस तरह की हरकत करेंगे, तो बच्चों का क्या होगा? एक अभिभावक ने कहा, “हम अपने बच्चों को शिक्षा और अच्छे संस्कार सिखाने के लिए भेजते हैं, लेकिन अगर ऐसा माहौल बना रहेगा तो उनके भविष्य की सुरक्षा कैसे होगी?” यह सवाल सभी माता-पिता के मन में अनायास उठता है, जो अपने बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा की आशा रखते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। समय समय पर शिक्षकों और स्टाफ के बीच विवाद की घटनाएं समाचारों की सुर्खियाँ बनती रहती हैं। मथुरा की इस घटना ने एक बार फिर बेसिक शिक्षा विभाग की अनुशासनात्मक कमी को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में अनुशासन और शिक्षकों के व्यवहार को सुधारने के लिए सख्त नियम बनाए जाने चाहिए। अगर स्थिति यूं ही बनी रही, तो बच्चों के मानसिक विकास पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से कार्रवाई की है और जांच प्रारंभ कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसी घटनाओं को सहन नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



