Sawan 2025: श्रावण मास शुरू हो चुका है, और यह महीना भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे पवित्र काल माना जाता है। इस दौरान अगर भक्त श्रद्धा से शिव मंत्रों का जाप करें, तो जीवन में चल रही हर समस्या का समाधान हो सकता है — चाहे वो बीमारी, मानसिक तनाव, आर्थिक संकट हो या अकाल मृत्यु का भय।
यहां हम लेकर आए हैं भगवान शिव के 10 अत्यंत प्रभावशाली मंत्र (Shiv Powerful Mantra in Hindi), जिनका जाप सावन में अवश्य करना चाहिए। महामृत्युंजय मंत्र तो ऐसा मंत्र है, जिसे मौत को हराने वाला मंत्र भी कहा गया है।
भगवान शिव के 10 शक्तिशाली मंत्र
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महामृत्युंजय मंत्र
मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
अर्थ: हे त्रिनेत्रधारी भगवान शिव, आप जीवन देने वाले हैं, हमें मृत्यु के बंधनों से मुक्त करें और अमरता प्रदान करें।
फायदा: मौत, बीमारी और भय से रक्षा करता है।
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शिव गायत्री मंत्र
मंत्र: ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
अर्थ: हम परम पुरुष महादेव का ध्यान करते हैं, जो रुद्र रूप में हमें प्रबुद्ध करें।
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द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र
सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।
उज्जयिन्यां महाकालं ओंकारं ममलेश्वरम्॥
परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशङ्करम्।
सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥
वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे।
हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये॥
एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः।
सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति॥
अर्थ: सौराष्ट्र में सोमनाथ, श्रीशैल पर मल्लिकार्जुन, उज्जैन में महाकाल, ओंकारेश्वर में ममलेश्वर, परली में वैद्यनाथ, डाकिनी में भीमशंकर, सेतुबंध में रामेश्वर, दारुकावन में नागेश्वर, वाराणसी में विश्वेश्वर, गौतमी के तट पर त्र्यम्बकेश्वर, हिमालय में केदार और शिवालय में घुश्मेश्वर। जो व्यक्ति इन ज्योतिर्लिंगों का सुबह-शाम पाठ करता है, उसके सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।
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बिल्व पत्र अर्पण मंत्र
मंत्र: दर्शनं बिल्वपत्रस्य स्पर्शनं पापनाशनम्। अघोरपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम्॥
अर्थ: बिल्वपत्र के दर्शन और अर्पण से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।
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अघोर मंत्र
मंत्र: सर्वेभ्यः सर्व सर्वेभ्यो नमस्तेऽस्तु रुद्र रूपेभ्यः॥
अर्थ: रुद्र के सभी रूपों को बार-बार नमस्कार है — चाहे वे सौम्य हों या उग्र।
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लघु रुद्र मंत्र
मंत्र: ॐ नमो भवाय शर्वाय रुद्राय वरदाय च। पशूनां पतये नित्यं उग्राय च कपर्दिने॥
अर्थ: भगवान शिव को नमन जो सृजन और संहार के अधिपति हैं।
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शिव ध्यान मंत्र
मंत्र: करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं वा… क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो॥
अर्थ: हे शिव! जो भी अपराध मेरे वाणी, कर्म, या मन से हुए हैं, कृपया क्षमा करें।
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तेज और बुद्धि के लिए शिव मंत्र
मंत्र: ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा॥
अर्थ: हे दक्षिणामूर्ति! मुझे मेधा और विवेक प्रदान करें।
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मृत्युंजय शिव मंत्र
मंत्र: मृत्युञ्जयाय रुद्राय नीलकण्ठाय शंभवे। अमृतेषाय सर्वाय महादेवाय ते नमः॥
अर्थ: हे रुद्र, आप ही मृत्युंजय हैं। आपको मेरा बारंबार प्रणाम।
- पंचाक्षर मंत्र
मंत्र: ॐ नमः शिवाय
अर्थ: हे शिव! आपको मेरा नमस्कार है। यह पंचाक्षर मंत्र अत्यंत शुभदायक है।
सावन में मंत्र जाप के लाभ: मानसिक शांति,स्वास्थ्य लाभ,आर्थिक संकटों से मुक्ति,परिवार में सुख-शांति,मृत्यु और भय से रक्षा
कैसे करें मंत्र जाप?
ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर शिवलिंग पर जल चढ़ाएं, शांत और एकाग्रचित होकर जप करें, रुद्राक्ष की माला का उपयोग करें, मंत्रों का उच्चारण स्पष्ट और सही तरीके से करें|



