न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी ने वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए टिकट वितरण का नया फार्मूला तय कर लिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की अगुवाई में सपा अब उम्मीदवारों का चयन जनता से फीडबैक और रिपोर्ट कार्ड के आधार पर करेगी।
इस बार टिकट उन्हीं नेताओं को दिया जाएगा, जो अपने क्षेत्र में सक्रिय, जनता के बीच लोकप्रिय और अच्छी छवि वाले होंगे। पार्टी ने साफ किया है कि जनता से दूरी बनाए रखने वाले और विवादों में घिरे नेताओं को टिकट नहीं दिया जाएगा।
छवि, सक्रियता और जातीय समीकरण होंगे टिकट वितरण के आधार
सपा के रणनीतिक सूत्रों के मुताबिक, हर विधानसभा क्षेत्र से कम से कम 10 नामों का पैनल तैयार किया जाएगा। इसमें से 5 नामों को शॉर्टलिस्ट कर उनके कामकाज और छवि का रिपोर्ट कार्ड बनाया जाएगा। इसके लिए स्थानीय लोगों से फीडबैक और पार्टी कैडर की रिपोर्ट ली जाएगी।
इस प्रक्रिया में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे समाजवादी सोशल इंजीनियरिंग को और मजबूत किया जा सके।
कोर कमेटी लेगी अंतिम फैसला, जिला इकाइयों को जल्द मिलेगा आदेश
टिकट वितरण को लेकर अंतिम निर्णय पार्टी की कोर कमेटी द्वारा लिया जाएगा। पार्टी ने तैयारियां अंदरूनी तौर पर पूरी कर ली हैं और सूत्रों के अनुसार, इस योजना की जानकारी जल्द ही जिला स्तर की इकाइयों को दे दी जाएगी।
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अक्टूबर 2026 से चुनावी गतिविधियां तेज़ हो सकती हैं, इसलिए साल के अंत तक संगठन ने नामों की छंटनी शुरू करने की योजना बनाई है।
लोकसभा में बड़ी सफलता के बाद विधानसभा पर फोकस
2024 के लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस गठबंधन को उत्तर प्रदेश में 43 सीटें मिली थीं। इसमें सपा को 37 और कांग्रेस को 6 सीटें मिलीं, जिससे सपा राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
इस सफलता से उत्साहित अखिलेश यादव अब विधानसभा चुनाव में भी कोई गलती नहीं करना चाहते। उनका मानना है कि अच्छे उम्मीदवार और भाजपा सरकार के प्रति नाराजगी ने लोकसभा में पार्टी को बड़ा फायदा दिलाया।



