सर्वोदय/मथुरा:-चैत्र नवरात्रि एवम हिंदू नववर्ष के अवसर पर संत प्रेमानंद जी महाराज का जन्मदिन खूब हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस खास अवसर पर पदयात्रा में 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया, इस दौरान सड़क फूलों से सजी रही। संत प्रेमानंद के करोड़ों भक्त हैं, जो उनकी झलक पाने के लिए बेचैन रहते हैं। उनकी सरलता और सत्संग को लोग सोशल मीडिया पर लाखों की संख्या में सुनते और देखते हैं।
भक्तों की चिंता का विषय
संत प्रेमानंद महाराज के सत्संग और दर्शन में ना कोई वीआईपी व्यवस्था होती है और ना ही किसी विशेष वर्ग के लिए अलग से इंतजाम। उनके भक्त, जो उनसे बहुत प्यार करते हैं, यदि सुनें कि महाराज मरने वाले हैं, तो वे निश्चित ही गुस्से में आ जाएंगे और अपने संत की स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करने लगेंगे।
महाराज का जवाब
हाल ही में एक भक्त ने संत से पूछा, “अगर आपको कुछ हो गया, तो हम क्या करेंगे?” इस पर प्रेमानंद महाराज ने बड़े प्यार से उत्तर दिया:”क्या तुम समझते हो प्रेमानंद मरने वाला है? प्रेमानंद अजर, अमर और अविनाशी हैं। ये शरीर प्रेमानंद नहीं है, बल्कि ये विषयों का ढांचा है। जो प्रेम आनंद है, वो अविनाशी है।”
संत ने आगे कहा, “तुम्हारी खोपड़ी में मैं अभी भी बैठा हुआ हूँ। तुम्हे याद है ना, बाबा ने क्या कहा था? बिछड़ना लगेगा ही नहीं।”
प्रेमानंद महाराज का प्रभाव
प्रेमानंद जी महाराज ऐसे संत हैं जिनसे सभी धर्मों के लोग प्यार करते हैं। उनकी प्रसिद्धि देश के साथ-साथ विदेशों में भी फैली हुई है। वे अपने सत्संग के माध्यम से लोगों को सांसारिक और आध्यात्मिक जीवन का महत्वपूर्ण ज्ञान देते हैं।
इस दौरान उन्होंने यह स्पष्ट किया कि संत का असली अस्तित्व कभी समाप्त नहीं होता, और वे हमेशा अपने भक्तों के साथ रहेंगे। यह संदेश उनके भक्तों के लिए एक सशक्त आश्वासन बन गया है।



