Thursday, March 26, 2026

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UP शिक्षा सेवा चयन आयोग की अध्यक्ष कीर्ति पांडेय का इस्तीफा, एक साल में ही छोड़ी कुर्सी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में शिक्षा सेवा चयन आयोग की अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय ने मात्र एक वर्ष के कार्यकाल में ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने 22 सितंबर को शासन को त्यागपत्र सौंपा था, जिसे शुक्रवार को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया। इस्तीफा स्वीकार होने के बाद आयोग के वरिष्ठ सदस्य राम सुचित को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

हालाँकि इस्तीफे में उन्होंने “व्यक्तिगत कारणों” का हवाला दिया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, आयोग के भीतर की गुटबाजी, भर्ती प्रक्रिया में देरी और निर्णयात्मक अक्षमता उनकी असमय विदाई की प्रमुख वजहें मानी जा रही हैं। बतादें कि इस्तीफा स्वीकार होने के तुरंत बाद शुक्रवार हो ही नए अध्यक्ष के चयन के लिए विज्ञापन भी जारी हो गया।

वहीं दूसरी ओर कार्यभार ग्रहण करने के बाद कार्यवाहक अध्यक्ष रामसुचित ने अपनी प्राथमिकताएं गिनाईं और कहा कि सर्वप्रथम शासन के दिशा-निर्देशों के क्रम में विज्ञापन संख्या 51 के तहत अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार करवाना है। सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता (पीजीटी) के 624 पदों पर भर्ती के लिए 15 व 16 अक्तूबर और प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) के 3539 पदों पर भर्ती के लिए 18 व 19 दिसम्बर को प्रस्तावित परीक्षाओं के आयोजन के साथ ही उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा आदि विभागों से अधियाचन शीघ्र प्राप्त कर विज्ञापन की कार्यवाही करना है।

शासन पर बढ़ जाएगी आयोग की निर्भरता

नवगठित आयोग की नियमित अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय की विदाई के साथ ही आयु में वरिष्ठतम सदस्य राम सुचित ने कार्यवाहक अध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण कर लिया। कार्यवाहक अध्यक्ष राम सुचित ने बकायदा विज्ञप्ति जारी कर साफ किया है कि शासन के निर्देशों के क्रम में आगे की कार्रवाई करेंगे। जानकारों की मानें तो आयोग में कार्यवाहक अध्यक्ष होने के कारण अब शासन पर निर्भरता बढ़ जाएगी। नियमित अध्यक्ष परीक्षा कराने से लेकर साक्षात्कार वगैरह के लिए आयोग की बैठक कर निर्णय ले सकते हैं लेकिन कार्यवाहक अध्यक्ष को कोई भी नीतिगत कार्य करने से पहले शासन की अनुमति लेनी होगी।

नए अध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू

प्रो. कीर्ति पांडेय का इस्तीफा शुक्रवार को स्वीकार होने के साथ ही नए अध्यक्ष के चयन की कार्रवाई शुरू हो गई। शासन के विशेष सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी की ओर से जारी विज्ञापन में अभ्यर्थियों से 21 अक्तूबर की शाम छह बजे तक आवेदन मांगे गए हैं। अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रारूप पर अपना प्रार्थना पत्र (बायो-डाटा सहित) विशेष सचिव, उच्च शिक्षा अनुभाग-5, लखनऊ के नाम से पंजीकृत डाक से भेजना है। अध्यक्ष का कार्यकाल नियुक्ति तिथि से तीन वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु तक होगा। अध्यक्ष पद के लिए राज्य सरकार के प्रमुख सचिव या समकक्ष पद पर रह चुके आईएएस अफसर, किसी विश्वविद्यालय के वर्तमान या पूर्व कुलपति या किसी विश्वविद्यालय के न्यूनतम दस वर्ष तक प्रोफेसर और कम से कम तीन वर्ष के प्रशासनिक अनुभव वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।

अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय की विदाई की पटकथा चार दिन पहले ही लिखी जा चुकी थी। प्रो. कीर्ति पांडेय ने 22 सितंबर को शासन को अपना इस्तीफा भेज दिया था। उसी दिन नवगठित आयोग के कार्यवाहक उपसचिव डॉ. शिवजी मालवीय को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय फतेहाबाद, आगरा में प्रवक्ता-जन्तु विज्ञान के रिक्त पद पर सम्बद्ध कर दिया गया था। 25 सितंबर से असिस्टेंट प्रोफेसर के साक्षात्कार शुरू होने थे और उसी दिन प्रो. कीर्ति पांडेय ने आयोग की बैठक में लिखित परीक्षा पर आपत्ति मांगने का निर्णय लिया। बतौर अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय का यही आखिरी निर्णय रहा और उसके 24 घंटे के अंदर उनकी विदाई हो गई।

समाजशास्त्र विभाग की शिक्षिका गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रो. कीर्ति पांडेय को एक सितंबर 2024 को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजना के अनुरूप भर्तियों में तेजी लाने के लिए उनका पद पर लाया गया था लेकिन सालभर में कोई छाप नहीं छोड़ सकीं। इसके उलट नवगठित आयोग भर्ती परीक्षाएं टालने के ही कारण चर्चा में रहा। 16 और 17 अप्रैल को आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की लिखित परीक्षा में आयोग के एक संविदा कर्मचारी महबूब अली की गिरफ्तारी के कारण भी काफी बदनामी हुई। आयोग में अनिर्णय की स्थिति का आलम यह था कि तीन बार टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक) और चार बार पीजीटी (प्रवक्ता) की परीक्षा तिथि टाली जा चुकी है। सबसे पहले चार व पांच अप्रैल को टीजीटी की लिखित परीक्षा कराने का निर्णय लिया था। बाद में यह परीक्षा 14 व 15 मई को और फिर 21 और 22 जुलाई को कराने पर सहमति बनी। अब 18 व 19 दिसम्बर को परीक्षा प्रस्तावित है। इसी प्रकार प्रवक्ता भर्ती परीक्षा सबसे पहले 11 व 12 अप्रैल को कराने का निर्णय हुआ था। उसके बाद 18 व 19 जून और फिर 20 व 21 जून को परीक्षा तिथि तय की गई थी। उसके बाद अगस्त के अंतिम सप्ताह में परीक्षा का निर्णय लिया गया। अब 15 व 16 अक्टूबर को परीक्षा कराने पर सहमति बनी है।

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