Wednesday, March 25, 2026

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इंदौर:दूषित पानी से जान गंवाने वालों के परिजनों से मिले राहुल गांधी, 1-1 लाख का चेक सौंपा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे, जहां उन्होंने भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान राहुल गांधी ने न सिर्फ पीड़ितों का हाल जाना, बल्कि उन्हें आर्थिक सहायता के रूप में प्रत्येक परिवार को एक-एक लाख रुपये का चेक भी सौंपा।

पीड़ितों से मिलने के बाद राहुल गांधी ने सरकार की स्मार्ट सिटी योजना पर सवाल उठाए और लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की। स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद अब भी उनके घरों में नियमित पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई है और वे मजबूरी में आरओ का पानी खरीदकर पी रहे हैं।

“स्मार्ट शहर में साफ पानी तक नहीं”

मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा,“देश के लोगों से वादा किया गया था कि उन्हें स्मार्ट शहर मिलेंगे, लेकिन इंदौर एक ऐसा स्मार्ट शहर बन गया है, जहां पीने का साफ पानी तक उपलब्ध नहीं है। लोग दूषित पानी पीकर जान गंवा रहे हैं। यह केवल इंदौर की समस्या नहीं है, बल्कि देश के कई शहरों में ऐसी ही स्थिति है।”

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उन्होंने कहा कि लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना और प्रदूषण पर नियंत्रण रखना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन सरकार इन दायित्वों को निभाने में पूरी तरह विफल रही है।

“सरकार को जिम्मेदारी लेनी होगी”

राहुल गांधी ने कहा कि इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें सरकारी लापरवाही का नतीजा हैं और इसके लिए किसी न किसी स्तर पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

राजनीति के आरोप पर राहुल का जवाब

राज्य सरकार की ओर से लगाए गए राजनीति के आरोपों पर राहुल गांधी ने कहा, “मैं विपक्ष का नेता हूं और जहां लोगों की मौत हुई है, वहां उनकी आवाज उठाना मेरी जिम्मेदारी है। मैं यहां मदद करने आया हूं, उनके साथ खड़ा होने आया हूं। इसे राजनीति कहना है या कुछ और, मुझे फर्क नहीं पड़ता। लोगों को साफ पानी मिलना चाहिए, यही असली मुद्दा है।”

पीड़िता बोली- पैसे से ज्यादा जरूरी पानी

पीड़ित परिवार की सदस्य शानू प्रजापति ने बताया कि दूषित पानी पीने से उनकी सास सीमा प्रजापति की उल्टी-दस्त के बाद अचानक मौत हो गई थी।
उन्होंने कहा,“राहुल जी ने हमसे मिलकर सहयोग का भरोसा दिया और एक लाख रुपये का चेक दिया। इससे पहले सरकार की ओर से दो लाख रुपये की मदद मिली थी।”

हालांकि शानू ने यह भी कहा कि मुआवजा पर्याप्त नहीं है।“एक-दो लाख रुपये से क्या होगा, किसी की जान की कीमत नहीं होती। हमें पैसे से ज्यादा साफ पानी चाहिए। हमारे इलाके में अब भी पानी नहीं आ रहा है, सिर्फ टैंकर आ रहे हैं और हम मजबूरी में आरओ का पानी खरीदकर पी रहे हैं।”

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