Budget 2026: कांग्रेस सांसद और नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह बजट देश की जमीनी समस्याओं को नजरअंदाज करता है और युवाओं, किसानों तथा अर्थव्यवस्था से जुड़े वास्तविक संकटों का कोई समाधान पेश नहीं करता।
रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में बजट पेश किए जाने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि आज देश का युवा रोजगार के संकट से जूझ रहा है और किसान परेशान हैं, लेकिन बजट में इन मुद्दों पर कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया।
‘भारत के असली संकटों से अनजान है यह बजट’
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा, “युवाओं के पास रोजगार नहीं है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर गिर रहा है। निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं। घरेलू बचत तेजी से घट रही है। किसान परेशान हैं। आने वाले वैश्विक झटकों को नजरअंदाज कर दिया गया है। यह ऐसा बजट है जो सुधार करने से इनकार करता है और भारत के असली संकटों से अनजान है।”
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उन्होंने इशारों-इशारों में सरकार पर आरोप लगाया कि बजट में दीर्घकालिक सुधारों की कमी साफ नजर आती है।
खरगे बोले– सरकार के पास आइडिया खत्म
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बजट को लेकर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के पास अब नए विचार नहीं बचे हैं।
खरगे के मुताबिक,“यह बजट भारत की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों का समाधान नहीं करता। इसमें न तो कोई स्पष्ट पॉलिसी विजन है और न ही राजनीतिक इच्छाशक्ति। समाधान तो दूर, पॉलिसी की कमी छिपाने के लिए नारे तक नहीं हैं।”
सरकार का पक्ष: कैपेक्स बढ़ाने का ऐलान
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने FY27 के लिए पूंजीगत व्यय (Capex) को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने की घोषणा की। मौजूदा वित्त वर्ष में यह लक्ष्य 11.2 लाख करोड़ रुपये था। उन्होंने टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देने के लिए कई उपायों का भी ऐलान किया।
यह बजट ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता, व्यापारिक तनाव, अमेरिकी टैरिफ और निर्यात में सुस्ती जैसे जोखिम बने हुए हैं। यह बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट है।



