न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बापू केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं, जो कभी मिट नहीं सकती। राहुल ने जोर देकर कहा कि गांधी की यह सोच भारत की आत्मा में हमेशा जीवित रहेगी।
राहुल गांधी ने कहा कि इस सोच को कभी अंग्रेज़ी साम्राज्य, कभी नफरत की विचारधारा, और कभी अहंकारी सत्ता ने समाप्त करने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। उन्होंने एक्स (Twitter/X) पर लिखा:“महात्मा गांधी एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं। यह सोच जिसे किसी साम्राज्य, किसी नफरत की विचारधारा या अहंकारी सत्ता ने मिटाने की कोशिश की, मगर असफल रहे। राष्ट्रपिता ने हमें यह मूलमंत्र दिया कि सत्ता की ताकत से बड़ी सत्य की शक्ति होती है, और हिंसा व भय से बड़े अहिंसा और साहस।”
राहुल गांधी ने इस बात पर भी बल दिया कि गांधी की यह सोच अमर है और इसे कोई मिटा नहीं सकता।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखे गए पत्रों का जिक्र
पुण्यतिथि के अवसर पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 1948 में सरदार वल्लभभाई पटेल और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बीच हुए पत्राचार का उल्लेख किया। उन्होंने एक्स पर साझा किया कि महात्मा गांधी की हत्या से दो दिन पहले पंडित जवाहरलाल नेहरू ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को एक पत्र लिखा था। कुछ महीनों बाद, 18 जुलाई 1948 को, सरदार पटेल ने भी श्यामा प्रसाद मुखर्जी को पत्र लिखा।
यह भी पढ़े:- रायबरेली में गांधी परिवार के खिलाफ याचिका, कोर्ट ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट
जयराम रमेश ने कहा कि इन पत्रों में स्वयं को राष्ट्रवाद का संरक्षक बताने वालों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ राजनीतिक नेताओं ने यह कहा कि वे गांधी और नाथूराम गोडसे के बीच चयन नहीं कर सकते। रमेश ने महात्मा गांधी की हत्या के बाद नेहरू के राष्ट्र के नाम संबोधन का लिंक भी साझा किया।
ज्ञात हो कि नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली में एक प्रार्थना सभा के दौरान महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी।



