लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत अवध प्रांत की त्रैमासिक बैठक का सफल आयोजन लखनऊ महानगर स्थित शुभम गेस्ट हाउस में किया गया। बैठक में संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य व पर्यावरण आयाम प्रमुख डॉ. प्रमोद पांडेय एवं अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष यशपाल सिंह एवं संचालन प्रांतीय सचिव आशुतोष मिश्र ने किया।
ग्राहक पंचायत का 51 वर्षों का गौरवशाली इतिहास
डॉ. प्रमोद पांडेय ने बताया कि अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत 1974 से उपभोक्ता जागरूकता और अधिकार संरक्षण का कार्य कर रही है। उन्होंने संगठन की स्थापना का इतिहास साझा करते हुए कहा कि यह संगठन संघ के वरिष्ठ प्रचारक बिंदु माधव जोशी जी के प्रयासों से शुरू हुआ था।
उन्होंने यह भी कहा कि: आज समाज में प्रलोभन और भ्रामक विज्ञापन उपभोक्ताओं को भ्रमित कर रहे हैं। गैर-सीजनल खाद्य पदार्थों के बढ़ते प्रयोग से स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। उपभोक्ता को संयम और विवेकपूर्ण निर्णय लेकर खरीदारी करनी चाहिए। संगठन का उद्देश्य उपभोक्ता को जागरूक करना है, जिससे वह अपनी संस्कृति और स्वास्थ्य दोनों को संरक्षित रख सके।

संगठन के ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश
प्रांतीय संगठन मंत्री डॉ. रामप्रताप सिंह बिसेन ने बताया कि ग्राहक पंचायत के प्रयासों से भारत में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम अस्तित्व में आया। हॉलमार्किंग, रेरा कानून, और FD गारंटी सीमा जैसे कई सुधारों में संगठन की भूमिका रही है। हाल ही में संगठन ने ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन, एमआरपी के साथ लागत मूल्य लिखने की मांग, और स्टंट की कीमतों में कमी जैसे जनहित के मुद्दों पर पहल की है।
ग्राहक अधिकारों पर जागरूकता ज़रूरी: ओंकार पांडेय
प्रांतीय उपाध्यक्ष ओंकार पांडेय ने कहा कि ग्राहक को अपने विधिक अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए, जैसे:
- सुरक्षा का अधिकार
- जानकारी का अधिकार
- चुनाव का अधिकार
- निष्पक्ष व्यवहार का अधिकार
- शिकायत निवारण का अधिकार
उन्होंने यह भी बताया कि यदि ग्राहक के अधिकारों का हनन होता है तो वह उपभोक्ता फोरम, CCPA व अन्य मंचों पर शिकायत कर सकते हैं।
संगठनात्मक गतिविधियां व विस्तार
प्रांतीय सचिव आशुतोष मिश्र ने अवगत कराया कि:मई में कार्यकारिणी की घोषणा हुई। जून में पर्यावरण संकल्प, वृक्षारोपण, एवं क्षेत्रीय बैठकें आयोजित की गईं। जुलाई व अगस्त में सदस्यता अभियान चलाया गया, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में अधिक सदस्य बनाए गए। उन्नाव में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आगामी राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक नागपुर में होनी है, जिसमें अवध प्रांत से पांच प्रतिनिधि भाग लेंगे।

पर्यावरण व संयमित जीवन की दिशा में कार्य
पर्यावरण आयाम प्रमुख प्रकाश चंद बरनवाल ने सुझाव दिया कि:निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का अधिक प्रयोग करें। सप्ताह में कम से कम एक दिन हॉर्न फ्री डे मनाया जाए। जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण हेतु योजना बनाई जाए।
नई जिम्मेदारियों की घोषणा
प्रांतीय अध्यक्ष यशपाल सिंह ने निम्नलिखित जिम्मेदारियों की घोषणा की:
| नाम | दायित्व |
|---|---|
| अजय पांडेय | प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य |
| आशुतोष पाठक | गोंडा जिला सचिव |
| शिखा सिंह, उमा देवड़ा | महानगर कार्यकारिणी सदस्य |
| रविंद्र शुक्ल | लखनऊ महानगर प्रचार प्रमुख |
अध्यक्षीय उद्बोधन
अपने अध्यक्षीय भाषण में यशपाल सिंह ने कहा “हम संगठन से जुड़े हैं तो यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम सकारात्मक दृष्टिकोण से समाज के लिए कार्य करें। यदि कोई दायित्ववान कार्यकर्ता अनैतिक आचरण करता है, तो उसे संगठन से बाहर किया जाएगा।”
उन्होंने अगस्त माह में सदस्यता वृद्धि के लिए सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी और सितंबर माह में भी इसे और बेहतर करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत और समापन
कार्यक्रम का आरंभ संगठन मंत्र से हुआ, जिसका वाचन लक्ष्मीकांत जी ने किया। समापन कल्याण मंत्र से हुआ, जिसे प्रांतीय कोषाध्यक्ष रामशंकर अवस्थी द्वारा संपन्न कराया गया।
बैठक में वीरेंद्र कुमार सिंह गौतम, शेषनाथ तिवारी, प्रेम चंद्र वर्मा, प्रकाश चंद्र बरनवाल, डॉ. आशुतोष पाठक, उमेश कुमार, दिनेश वर्मा, शिवम श्रीवास्तव, जानवी दुबे, उर्मिला सिंह, शिखा सिंह, अनीता तिवारी, सुमित सैनी, अजय पांडेय, विश्वनाथ मिश्र, मीना माहेश्वरी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



