लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- कौशांबी की चायल सीट से समाजवादी पार्टी की विधायक पूजा पाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के हस्ताक्षर से जारी पत्र में उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त बताते हुए तत्काल प्रभाव से निष्कासन की घोषणा की गई है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब पूजा पाल ने विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुले मंच से तारीफ की। उन्होंने अपने पति राजू पाल की हत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि, “सीएम योगी ने हत्यारों को सजा दिलाकर मुझे न्याय दिया है।”
बगावत की पृष्ठभूमि: राज्यसभा चुनाव से ही थे पार्टी से नाराज़
पूजा पाल का पार्टी से मोहभंग कोई नई बात नहीं है। 2024 के राज्यसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी। उनके साथ कुल 8 सपा विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर वोट डाला था। पिछले दिनों उनमें से 4 विधायकों को पार्टी से निकाला गया था, और अब पूजा पाल पर भी वही कार्रवाई हुई है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तब कहा था कि कुछ विधायकों को “सुधरने का मौका” दिया गया है। लेकिन पूजा पाल के खिलाफ जारी निष्कासन पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उन्हें पहले चेतावनी दी गई थी, फिर भी वे पार्टी विरोधी गतिविधियों से बाज नहीं आईं।
पति की हत्या से लेकर राजनीति में उतार-चढ़ाव तक
पूजा पाल का राजनीति में प्रवेश बेहद दुखद घटना के बाद हुआ था। उनके पति राजू पाल, जो कि 2004 में बसपा से विधायक बने थे, की 2005 में हत्या कर दी गई थी। इस हत्या का आरोप अतीक अहमद के भाई अशरफ पर लगा था।
माना जाता है कि अशरफ अपनी चुनावी हार को स्वीकार नहीं कर सके और हत्या की साजिश रची गई।
हालांकि वर्षों बाद राजनीति ने करवट ली और पूजा पाल ने सपा जॉइन की। 2022 में उन्होंने सपा के टिकट पर कौशांबी की चायल सीट से जीत हासिल की।



