न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और उनके परिवार पर एक निजी मीडिया समूह द्वारा प्रकाशित कवर स्टोरी ने यूपी की राजनीति में हलचल मचा दी है। रिपोर्ट में महाभारत के प्रसंग और गांधारी के श्राप को सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के परिवार से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है, जिसके बाद यह मामला गरमा गया है।
सपा कार्यकर्ताओं का सड़कों पर विरोध
जैसे ही स्टोरी सामने आई, सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं में गहरी नाराजगी फैल गई। पूरे प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ता मीडिया संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। विरोध जताते हुए कार्यकर्ताओं ने मांग की कि संस्थान तुरंत माफी मांगे, अन्यथा यह आंदोलन बड़े स्तर पर जारी रहेगा।
कवर स्टोरी में ‘गांधारी के श्राप’ का संदर्भ
विवादित स्टोरी में महाभारत के उस प्रसंग का उल्लेख किया गया है, जिसमें गांधारी भगवान श्रीकृष्ण को श्राप देती हैं कि यदुवंश आंतरिक संघर्षों के कारण समाप्त हो जाएगा। रिपोर्ट में इस प्रसंग की तुलना यादव परिवार की राजनीतिक खटपट से करते हुए दावा किया गया कि यही श्राप मुलायम सिंह यादव के वंश पर प्रभाव डाल रहा है।
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स्टोरी में यह भी लिखा गया कि यादव परिवार के भीतर बढ़ते मतभेदों और राजनीतिक गिरावट को इसी ‘प्रसंग’ से जोड़कर देखा जा रहा है। इसी तुलना ने सपा समर्थकों की भावनाओं को आहत किया है।
लखनऊ में सपाइयों का जोरदार विरोध
बुधवार को लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि बिना किसी आधार के पौराणिक कथाओं से परिवार की तुलना करना न केवल अपमानजनक है, बल्कि इससे समाजवादी पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश लगती है।
अखिलेश यादव की कड़ी प्रतिक्रिया
विवाद बढ़ने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया हाउस महाकाव्यों के संदर्भों का गलत और भ्रामक उपयोग कर रहे हैं, जिससे उन ग्रंथों को मानने वालों की भावनाएं आहत हो रही हैं।
प्रिय परिवारवालों,
कुछ मीडिया हाउस हमारे महाकाव्यों की बातों और संदर्भों को गलत तरीके से प्रस्तुत करके उनका अपमान कर रहे हैं और इन महाकाव्यों को माननेवालों की धार्मिक भावनाओं को आहत भी कर रहे हैं। ये राजनीतिक ‘दानाजीवी मीडिया हाउस’ बार-बार परिवारवाद के नाम पर जो एजेंडा चला रहे…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) November 19, 2025
साथ ही, अपने ट्वीट में उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए इशारों में आरोप लगाया कि ऐसी सामग्री राजनीतिक उद्देश्य से प्रकाशित की जा रही है।



