न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- संसद भवन के पास स्थित एक मस्जिद में समाजवादी पार्टी (सपा) की कथित बैठक को लेकर भाजपा और सपा के बीच तीखा राजनीतिक टकराव शुरू हो गया है। बीजेपी ने इस मामले को धार्मिक स्थलों के राजनीतिक इस्तेमाल से जोड़ते हुए अखिलेश यादव पर संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाया है। वहीं, अखिलेश ने इसे जोड़ने वाली आस्था बताते हुए बीजेपी पर समाज में दूरी बढ़ाने का आरोप लगाया।
22 जुलाई को दिल्ली में संसद मार्ग पर स्थित एक मस्जिद में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी की एक कथित राजनीतिक बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में सपा सांसद डिंपल यादव, धमेंद्र यादव, मौलाना मोहिबुल्ला नदवी, शफीकुर रहमान बर्क समेत अन्य नेता शामिल थे।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने इस घटना की तीखी आलोचना करते हुए कहा:”धार्मिक स्थलों का राजनीतिक उपयोग करना भारतीय संविधान के खिलाफ है। समाजवादी पार्टी ‘नमाजवादी पार्टी’ बन चुकी है।”
#WATCH | On SP chief Akhilesh Yadav allegedly using mosque for a meeting, Uttar Pradesh Deputy CM Brajesh Pathak says, “Samajwadi Party chief and Samajwadi Party always violates the Constitution. The Indian Constitution says that we cannot use religious places for political… pic.twitter.com/bmKkCKbH0U
— ANI (@ANI) July 23, 2025
अखिलेश यादव ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा:”बीजेपी को तकलीफ है कि हम आस्था को जोड़ने का काम कर रहे हैं। हम हर आस्था का सम्मान करते हैं। क्या अब मीठा भी बीजेपी से पूछकर खाएं?”
#WATCH | Delhi | On his meeting held allegedly inside a mosque on Parliament Street, Samajwadi Party MP Akhilesh Yadav says, “…Faith connects…However, the BJP wants people to stay divided, not united. We have faith in all faiths…BJP’s tool is religion…” pic.twitter.com/QG6yQg9Srk
— ANI (@ANI) July 23, 2025
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने अखिलेश यादव से मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने पर माफी की मांग की। उन्होंने कहा:”मस्जिदें इबादत की जगह होती हैं, न कि राजनीतिक मंच।”
सपा सांसद धमेंद्र यादव ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया कि वे मौलाना नदवी के दिल्ली आवास पर थीं। लेकिन शम्स ने इन तस्वीरों को मस्जिद की आंतरिक बनावट और अग्रभाग से पहचानते हुए इसे झूठ करार दिया।
विवाद को और हवा देते हुए भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने घोषणा की कि वह 25 जुलाई को उसी मस्जिद में नमाज के बाद बैठक करेगा। इसे सपा की कार्रवाई के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
नई दिल्ली संसद भवन की मस्जिद में सपा की बैठक श्री अखिलेश यादव की प्रमुख उपस्थिति में संपन्न हुई है ।
इसी मस्जिद मे दिनांक 25 जुलाई दिन शुक्रवार बाद नमाज़ जुमा Bharatiya Janata Party (BJP) अल्पसंख्यक मोर्चा पदाधिकारी- कार्यकर्ता की बैठक आयोजित की जा रही है । क्रपया नोट कर लें । pic.twitter.com/Rzlz8yBy5k— Jamal Siddiqui (@JamalSiddiqui_) July 22, 2025
इस घटना से एक बार फिर राजनीति में धार्मिक स्थलों की भूमिका, धर्म और राजनीति की सीमाएं, और आस्था बनाम सत्ता जैसे विषय चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।



