न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मंगलवार (24 मार्च) को राज्यसभा में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को रोकना अस्वीकार्य है और भारत इस संकट के समाधान के लिए संवाद का रास्ता अपना रहा है।
ऊर्जा संकट पर जताई चिंता
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। इसका असर भारत समेत कई देशों पर पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि भारत ने इस चुनौतीपूर्ण समय में कूटनीतिक प्रयासों के जरिए अपने जहाजों को सुरक्षित रूप से Strait of Hormuz से बाहर निकालने में सफलता पाई है।
सभी पक्षों से की बातचीत
पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने पश्चिम एशिया के लगभग सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों से कई दौर की बातचीत की है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत हमेशा शांति और कूटनीतिक समाधान का समर्थक रहा है और आगे भी इसी दिशा में काम करता रहेगा।
व्यापार और सप्लाई पर असर
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस युद्ध का सीधा असर भारत के व्यापारिक मार्गों पर पड़ा है। पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित साथ ही गैस और उर्वरकों की सप्लाई पर दबाव इसके अलावा वैश्विक बाजार में अनिश्चितता है |
उन्होंने बताया कि भारत अब विभिन्न स्रोतों से कच्चा तेल और गैस खरीदने की कोशिश कर रहा है ताकि सप्लाई बनी रहे।
खाड़ी में भारतीयों की सुरक्षा बड़ी चिंता
प्रधानमंत्री ने कहा कि खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। उनकी सुरक्षा और आजीविका सरकार की प्राथमिकता है।
इसके अलावा, Strait of Hormuz में फंसे जहाजों पर मौजूद भारतीय चालक दल को लेकर भी भारत गंभीर है।
आत्मनिर्भरता पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि इस संकट ने दुनिया को झकझोर दिया है और इससे उबरने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि भारत अब हर सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है—
- शिप बिल्डिंग
- ऊर्जा
- रेयर अर्थ मिनरल्स
शांति की अपील
प्रधानमंत्री ने राज्यसभा से वैश्विक समुदाय को संदेश देते हुए कहा कि इस संकट के समय पूरी दुनिया को शांति और संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।



