Petrol Diesel Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की आशंका तेज हो गई है। हालांकि अभी सरकारी तेल कंपनियों ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन निजी कंपनियों की हालिया बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।
वैश्विक तनाव का असर
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जिससे तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है।
निजी कंपनियों ने बढ़ाए दाम
सबसे पहले नायरा एनर्जी ने मार्च में पेट्रोल के दाम 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे। इसके बाद शेल इंडिया ने भी कीमतों में बड़ा इजाफा करते हुए डीजल 25 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल 7.4 रुपये प्रति लीटर महंगा कर दिया।
रिलायंस-बीपी के पंप पर नया नियम
रिलायंस बीपी (Jio-BP) के पेट्रोल पंप पर नया नियम लागू किया गया है, जिसके तहत अब एक बार में अधिकतम 1000 रुपये का ही ईंधन दिया जा रहा है। इस फैसले के बाद बाजार में आपूर्ति और कीमतों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
प्रीमियम पेट्रोल भी हुआ महंगा
सरकारी कंपनियों इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2.09 से 2.35 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। हालांकि सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर रखी गई हैं।
सरकार का क्या है रुख?
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए एक्साइज ड्यूटी में करीब 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। इसके अलावा सरकार ने रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदना भी बढ़ाया है।
क्या देश में ईंधन की कमी है?
सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।



