नई दिल्ली/ सर्वोदय:- भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार को युद्धविराम (Ceasefire) पर सहमति के बाद हालात कुछ शांत नजर आ रहे थे, लेकिन रविवार को भारतीय वायु सेना (IAF) के एक महत्वपूर्ण बयान ने फिर से हलचल मचा दी। भारतीय वायु सेना ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर बताया कि “ऑपरेशन सिंदूर” अभी जारी है, और यह ऑपरेशन रणनीतिक एवं गोपनीय ढंग से राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए संचालित किया जा रहा है।
पीएम मोदी से मिले तीनों सेना प्रमुख, कॉम्बैट यूनिफार्म में दिखे
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर एक उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक हुई, जिसमें थल सेना, वायु सेना और नौसेना के प्रमुख अपने कॉम्बैट यूनिफॉर्म में शामिल हुए। बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS), राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोवाल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मौजूद थे।
इस बैठक के ठीक बाद भारतीय वायु सेना ने बयान जारी कर बताया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी अधूरा है और जब तक मिशन समाप्त नहीं होता, कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की जाएगी। IAF ने जनता से अफवाहों और अटकलों से बचने की अपील भी की है।
पाकिस्तान ने युद्धविराम का उल्लंघन किया
शनिवार को अमेरिका की मध्यस्थता से भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर पर सहमति बनी थी। खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी पुष्टि की थी। लेकिन विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि पाकिस्तान ने कुछ ही घंटों में इस समझौते का उल्लंघन किया। इसके जवाब में भारतीय सेना को सख्त कदम उठाने की खुली छूट दी गई है।
आतंक के खिलाफ भारत का सख्त रुख
भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि आतंकी हमलों को अब सीधे युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। यह संदेश न केवल पाकिस्तान को चेतावनी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी भारत के रुख की जानकारी देता है।
आगे क्या?
“ऑपरेशन सिंदूर” की प्रकृति और रणनीति को लेकर अभी कई सवाल बने हुए हैं, लेकिन इतना स्पष्ट है कि भारत सरकार और सेनाएं किसी भी संभावित खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार हैं। आने वाले दिनों में इस ऑपरेशन को लेकर और जानकारियाँ सामने आ सकती हैं।



