न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ को ऑपरेशन महादेव के तहत एक बड़ी आतंकवाद विरोधी सफलता मिली है। सेना ने लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर और 20 लाख के इनामी आतंकी हाशिम मूसा को सोमवार को लिडवास के जंगलों में मुठभेड़ में मार गिराया। हाशिम 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड था, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों की जान गई थी।
ऑपरेशन की योजना चिनार कॉर्प्स ने बनाई थी और इसे बेहद दुर्गम, पहाड़ी और घने जंगलों वाले लिडवास इलाके में अंजाम दिया गया। संदिग्ध रेडियो कम्युनिकेशन और स्थानीय इनपुट्स के आधार पर सुरक्षा बलों ने 24 राष्ट्रीय राइफल्स और 4 पैरा की यूनिट्स के साथ दो दिवसीय तलाशी अभियान चलाया।
सोमवार सुबह 11:30 बजे सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को घेर लिया। सेना ने घुपचुप रणनीति अपनाते हुए एक घंटे के अंदर मुठभेड़ में तीनों आतंकियों को मार गिराया। दोपहर 12:37 बजे ड्रोन फुटेज से पुष्टि हुई कि ऑपरेशन सफल रहा।
हाशिम मूसा न केवल लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर था, बल्कि जैश-ए-मोहम्मद के साथ मिलकर संयुक्त आतंकी मॉड्यूल भी संचालित कर रहा था। एनआईए ने उस पर 20 लाख रुपये का इनाम रखा था। उसका नेटवर्क पाकिस्तान से सीधे फंड और हथियार पाता था।
पहलगाम हमले के तुरंत बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और POK में 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था, जिसमें 100 से अधिक आतंकी मारे गए। अब ऑपरेशन महादेव के जरिए सीधे मास्टरमाइंड को खत्म कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, 2–4 आतंकी अभी भी इलाके में सक्रिय हैं। लिडवास और आसपास के जंगलों में सघन तलाशी अभियान जारी है। ऑपरेशन महादेव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।



