Sunday, March 29, 2026

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देश के 244 जिलों में 7 मई को मॉक ड्रिल, जानिए आपके ज़िले में अलर्ट है या नहीं

नई दिल्ली/सर्वोदय:- जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 7 मई 2025 को देशभर के 244 जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। यह मॉक ड्रिल 1971 के बाद सबसे बड़ी राष्ट्रव्यापी सुरक्षा अभ्यास मानी जा रही है।

गृह मंत्रालय की देखरेख में हो रही इस हाई-लेवल एक्सरसाइज में सशस्त्र बलों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, रेलवे, एयर डिफेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी होगी।

क्या होगा मॉक ड्रिल के दौरान?

ब्लैकआउट: सभी घरों, दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों की लाइटें बंद रहेंगी।

सायरन अलर्ट: हवाई हमले की चेतावनी देने वाले तेज सायरन बजेंगे।

सुरक्षा प्रशिक्षण: आम नागरिकों को आपातकालीन सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाएगी।

सुरक्षित स्थानों की पहचान: लोगों को यह सिखाया जाएगा कि हमले की स्थिति में कहां और कैसे छिपना है।

गृह मंत्रालय ने इस मॉक ड्रिल को ‘रियल-टाइम सिविल डिफेंस अभ्यास’ का हिस्सा बताया है, जिसका मकसद आम जनता को संभावित खतरे के समय सतर्क और तैयार रखना है।

राज्यों और जिलों की प्रमुख सूची जहां होगी मॉक ड्रिल:

उत्तर प्रदेश (19 जिले): लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, वाराणसी, गाजियाबाद, मथुरा, बरेली, गोरखपुर, झांसी, इलाहाबाद समेत अन्य

दिल्ली: नई दिल्ली, दिल्ली छावनी

राजस्थान (25 जिले): जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, अलवर, जैसलमेर, उदयपुर, बीकानेर आदि

पंजाब (20 जिले): अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला, बटाला, पठानकोट, भटिंडा आदि

जम्मू-कश्मीर (20+ जिले): श्रीनगर, जम्मू, अनंतनाग, लेह, कुपवाड़ा, पुलवामा, उरी, नौशेरा आदि

हरियाणा, गुजरात, बिहार, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, असम, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, गोवा और अन्य केंद्रशासित प्रदेशों के जिले शामिल

नोट: मॉक ड्रिल के दौरान नागरिकों से अनुरोध है कि वे सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और घबराएं नहीं। यह अभ्यास सिर्फ एक पूर्व सुरक्षा तैयारी है।

गृह मंत्रालय की हाई लेवल बैठक जारी

6 मई को गृह मंत्रालय में हुई बैठक में एनडीआरएफ, फायर सर्विस, होमगार्ड, रेलवे और एयर डिफेंस अधिकारियों ने भाग लिया। श्रीनगर, दिल्ली, जयपुर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में SDRF और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है।

यह अभ्यास क्यों है जरूरी?

हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है। इस अभ्यास के जरिए देश आतंकवादी हमलों, हवाई हमले या आपात स्थितियों के लिए खुद को तैयार कर रहा है।

 

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