सर्वोदय(नई दिल्ली):- आपके द्वारा साझा की गई जानकारी भारत में डायबिटीज और मोटापे से जूझ रहे करोड़ों लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण और संभावनाओं से भरी चिकित्सा उपलब्धि को दर्शाती है। आइए इसे संक्षेप और सरल भाषा में समझते हैं: भारत में मोटापा और डायबिटीज की डबल मार
- भारत में करोड़ों लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा एडल्ट्स का ग्लाइसेमिक कंट्रोल पर्याप्त नहीं है।
- मोटापा, डायबिटीज के खतरे को और भी बढ़ा देता है। यह अकेले करीब 200 से ज्यादा हेल्थ प्रॉब्लम्स से जुड़ा है, जैसे:
- हार्ट डिजीज
- हाई ब्लड प्रेशर
- स्लीप एपनिया
माउंजारो (Mounjaro): नई उम्मीद की दवा
- एली लिली एंड कंपनी ने मशहूर वेट लॉस इंजेक्शन माउंजारो को भारत में लॉन्च किया है।
- यह दवा टाइप 2 डायबिटीज, मोटापा, और ओवरवेट मरीजों के लिए खास है।
- माउंजारो का केमिकल नाम: TIRZEPATIDE है।
क्लीनिकल ट्रायल से जुड़े अहम आंकड़े:
- 21.8 किलो तक वजन घटा हाई डोज पर (72 सप्ताह में)
- 15.4 किलो वजन घटा लो डोज पर
- हर 3 में से 1 मरीज ने 25% तक बॉडी वेट घटाया (SURMOUNT-1 ट्रायल)
- A1C लेवल में 2.4% तक की गिरावट दर्ज की गई (SURPASS ट्रायल)
- ट्रायल में मरीजों को मेटफॉर्मिन, SGLT2 इनहिबिटर, इंसुलिन ग्लार्गिन जैसी आम डायबिटीज दवाओं के साथ माउंजारो दिया गया।
कैसे काम करती है माउंजारो?
- ये दवा GIP और GLP-1 रिसेप्टर्स को टारगेट करती है।
- ये दोनों रिसेप्टर्स भूख को कंट्रोल करते हैं और:
- भूख कम करते हैं
- फैट मास और बॉडी वेट घटाते हैं
- लिपिड मेटाबोलिज्म को रेगुलेट करते हैं
माउंजारो की खास बातें:
- सिंगल डोज इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध
- भारत में CDSCO (ड्रग रेगुलेटर) से मंजूरी प्राप्त
- पहले से ही US, UK और यूरोप में पॉपुलर
भारत में तेजी से बढ़ते डायबिटीज और मोटापे के मामलों को देखते हुए माउंजारो एक गेम चेंजर साबित हो सकती है। हालांकि, इसे सिर्फ डॉक्टर की सलाह और देखरेख में ही लिया जाना चाहिए।



