लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- राजधानी लखनऊ के अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का बड़े पैमाने पर विस्तार किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में लखनऊ से उड़ानों की संख्या में बड़ा इजाफा होने वाला है। फिलहाल यहां से लगभग 120 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइटें संचालित हो रही हैं, लेकिन 2028–29 तक यह संख्या बढ़कर 300 से अधिक करने का लक्ष्य तय किया गया है।
एयरपोर्ट के बढ़ते यात्री दबाव और कनेक्टिविटी की जरूरतों को देखते हुए रनवे के विस्तार की योजना पर भी काम शुरू हो गया है। इसके लिए राज्य सरकार से आवश्यक मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। रनवे को और मजबूत व आधुनिक बनाया जाएगा, ताकि बोइंग 777 और एयरबस ए350 जैसे बड़े विमानों का नियमित संचालन संभव हो सके।
रनवे, टैक्सीवे और एटीसी होंगे हाईटेक
एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार वर्ष 2028 तक नया समानांतर टैक्सीवे पूरी तरह से चालू हो जाएगा। इसके बाद विमानों की टेक-ऑफ और लैंडिंग में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा, जिससे परिचालन क्षमता में इजाफा होगा।
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इसके साथ ही एयरपोर्ट परिसर में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की नई इमारत का निर्माण भी किया जा रहा है, जो अगले दो वर्षों में पूरी हो जाएगी। फिलहाल 72 एटीसी कंट्रोलर विमानों को दिशा-निर्देश दे रहे हैं, जबकि आने वाले दो साल में यह संख्या बढ़कर लगभग 300 हो जाएगी। लखनऊ का एटीसी सिस्टम दिल्ली के स्तर का बनाने की तैयारी है और इसके नियंत्रण क्षेत्र का भी विस्तार किया जाएगा।
यात्री क्षमता और पार्किंग में बड़ा इजाफा
एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में लखनऊ एयरपोर्ट की सालाना यात्री क्षमता करीब 1.3 करोड़ है, जिसे अगले दो वर्षों में बढ़ाकर 3.8 करोड़ तक ले जाने की योजना है। इसके लिए टर्मिनल विस्तार का कार्य तेजी से चल रहा है। साथ ही विमानों की पार्किंग के लिए 70 एप्रन विकसित किए जाएंगे, जिससे एक साथ अधिक विमानों का संचालन संभव होगा।
2028 तक बनेगा मल्टी ट्रांसपोर्ट हब
एयरपोर्ट के विकास का अगला बड़ा चरण ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी को लेकर है। सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2028 तक टर्मिनल-3 के बाहर एक आधुनिक मल्टी ट्रांसपोर्ट हब तैयार किया जाएगा। इस हब में एक ही छत के नीचे मेट्रो स्टेशन, बस टर्मिनल और मल्टी-लेवल कार पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी।
इसके अलावा एयरपोर्ट के प्रवेश द्वार और आसपास की जमीन पर एयरोसिटी विकसित करने की भी योजना है। इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के बिजनेस होटल, कन्वेंशन सेंटर और लग्जरी रिटेल आउटलेट शामिल होंगे। इससे न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि लखनऊ की आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।



