न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने इस्तीफे को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए बड़ा बयान दिया है। राजस्थान के Churu में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी यह दावा नहीं किया कि वह बीमार हैं, बल्कि स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए पद छोड़ा था।
‘स्वास्थ्य को अहमियत दी, बीमारी की बात नहीं कही’
धनखड़ ने कहा, “पहला सुख निरोगी काया होता है। मैंने कभी अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नहीं बरती। जब मैंने पद त्यागने की बात कही, तब यह नहीं कहा कि मैं बीमार हूं। मैंने सिर्फ इतना कहा कि मैं स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रहा हूं।”
गौरतलब है कि 21 जुलाई 2025 को उन्होंने राष्ट्रपति को सौंपे अपने त्यागपत्र में स्वास्थ्य देखभाल और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने का उल्लेख किया था।
राहुल गांधी ने उठाए थे सवाल
इस्तीफे के बाद पिछले वर्ष अगस्त में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने धनखड़ के अचानक इस्तीफे और उसके बाद सार्वजनिक रूप से चुप रहने पर सवाल खड़े किए थे। राहुल गांधी ने संकेत दिया था कि इस्तीफे के पीछे “कोई बड़ी कहानी” हो सकती है।
चूरू दौरे का कारण
धनखड़ ने बताया कि उनका चूरू दौरा निजी कारणों से था। उन्होंने कहा कि पूर्व सांसद राम सिंह कस्वां के स्वास्थ्य को लेकर वह चिंतित थे और इसी वजह से वहां पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी वह स्वयं अस्वस्थ हुए, राम सिंह कस्वां ने हमेशा उनका हालचाल लिया।
नए उपराष्ट्रपति का चुनाव
धनखड़ ने संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत में पद छोड़ा था। इसके बाद हुए चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार C. P. Radhakrishnan देश के नए उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए।
धनखड़ के ताजा बयान के बाद एक बार फिर उनके इस्तीफे को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।



