न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- तुलसी पीठाधीश्वर जगतगुरु रामभद्राचार्य ने सोमवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि “जब संसद में हमारे 470 सांसद होंगे, तभी देश हिंदू राष्ट्र बनेगा।” वे फतेहपुर के रामगंज पक्का तालाब में आयोजित श्री जगन्नाथ धाम मंदिर के भूमि पूजन समारोह में शामिल हुए थे।
जगतगुरु ने कहा कि आज के दौर में “हमारे बच्चों को अपने वेद, शास्त्र और धर्मग्रंथों के नाम तक नहीं पता, जबकि मुस्लिम समुदाय का बच्चा-बच्चा कुरान पढ़ता है।” उन्होंने कहा कि समाज को तभी मजबूती मिलेगी जब धर्म और संस्कृति से जुड़ाव बढ़ेगा।
“मंदिर में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित रहेगा”
रामभद्राचार्य ने कहा कि फतेहपुर में बनने वाला जगन्नाथ मंदिर “हिंदू एकता और सामाजिक समरसता” का प्रतीक बनेगा। उन्होंने दावा किया कि मंदिर परिसर में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित रहेगा और यह स्थल “धर्म जागरण” का केंद्र होगा।
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उन्होंने यह भी कहा कि भारत की हिंदू आबादी 80 फीसदी होनी चाहिए, ताकि सनातन संस्कृति सुरक्षित रह सके। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
“बच्चों को दें संस्कार और धार्मिक शिक्षा”
जगतगुरु ने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को धार्मिक और सांस्कृतिक शिक्षा दें। उन्होंने चित्रकूट में एक गुरुकुल स्थापित करने की घोषणा की, जहाँ हिंदू बच्चों को धर्मशास्त्रों की शिक्षा दी जाएगी। इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजक भाजपा नेता संतोष तिवारी ने गुरु दक्षिणा के रूप में चार लाख ईंटों का दान देने की घोषणा की।
“जगन्नाथ मंदिर धार्मिक जागरण का प्रतीक”
रामभद्राचार्य ने कहा कि फतेहपुर में बनने वाला जगन्नाथ मंदिर केवल ईश्वर का धाम नहीं, बल्कि हिंदू एकता और समरसता का प्रतीक बनेगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से मंदिर निर्माण में सहयोग की अपील की। इस मौके पर जगन्नाथपुरी धाम के मुख्य पुजारी दैतातय भवानी दास जी महाराज भी मौजूद रहे।
रामभद्राचार्य के इस बयान पर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने बयान को लेकर प्रतिक्रिया देने की तैयारी शुरू कर दी है, हालांकि अभी तक किसी पार्टी की आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।



