न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य पूर्व में तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इजरायल ने एक बार फिर ईरान पर सैन्य हमला किया है, जिसके बाद पूरे इजरायल में आपातकाल घोषित कर दिया गया। इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने पुष्टि की कि देशभर में अलर्ट जारी कर दिया गया है और संभावित जवाबी कार्रवाई को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की राजधानी तेहरान में धमाकों के बाद धुएं का गुबार उठता देखा गया। हालांकि ईरानी सरकार की ओर से तत्काल विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
पूरे इजरायल में बजे सायरन
हमले के तुरंत बाद इजरायल के कई शहरों में एक साथ सायरन बज उठे। इजरायली सेना ने आशंका जताई है कि ईरान की ओर से मिसाइल हमला हो सकता है। नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। देशभर में ‘वॉर इमरजेंसी’ लागू कर दी गई है।
अमेरिका की भूमिका पर नजर
समाचार एजेंसी Associated Press (एपी) की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार सुबह तेहरान में तेज धमाका सुना गया। इस बीच संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही वार्ता का कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल रहते हैं तो सैन्य विकल्प से इनकार नहीं किया जाएगा। ऐसे में यदि ईरान इजरायल पर पलटवार करता है, तो अमेरिका के सीधे तौर पर युद्ध में शामिल होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
अमेरिकी एडवाइजरी से बढ़ा तनाव
इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने शुक्रवार को यरूशलेम स्थित दूतावास कर्मियों को सुरक्षा कारणों से तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी थी। The New York Times की रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल में कहा गया कि जो लोग जाना चाहते हैं, वे बिना देरी किए प्रस्थान की व्यवस्था कर लें और बेन-गुरियन हवाई अड्डा से उपलब्ध उड़ानों में सीट सुरक्षित करें।
#WATCH | Tehran, Iran | Israel has launched a preventative missile attack against Iran, the Israeli defence minister said; visuals of the aftermath of the strike in Iran as a plume of smoke billows into the sky
The U.S. participated in the (Iran) attack and was also carrying out… pic.twitter.com/tzfR1WnDhO
— ANI (@ANI) February 28, 2026
हालांकि हकाबी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन हालात को देखते हुए सतर्कता जरूरी है। यह एडवाइजरी ऐसे समय आई जब क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी।
क्षेत्रीय समीकरण और संभावित असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष और बढ़ता है तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व पर पड़ सकता है। पहले से अस्थिर क्षेत्रीय हालात—जहां कई देशों के बीच तनाव बना हुआ है—इस टकराव से और बिगड़ सकते हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ईरान तत्काल जवाबी कार्रवाई करेगा और क्या अमेरिका खुलकर इस संघर्ष में उतर जाएगा। आने वाले कुछ घंटे और दिन इस संकट की दिशा तय करेंगे।



