न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Iran और United States के बीच बयानबाजी और तेज हो गई है। एक शीर्ष ईरानी सुरक्षा अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्हें सतर्क रहना चाहिए, नहीं तो हालात ऐसे बन सकते हैं कि वे खुद ही खत्म हो जाएं।
समाचार एजेंसी Associated Press के अनुसार यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और Israel की ओर से ईरान के ठिकानों पर हमले और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
ट्रंप की चेतावनी: तेल सप्लाई रोकी तो हमला होगा और तेज
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के खिलाफ युद्ध अल्पकालिक हो सकता है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित करता है तो संघर्ष और तेज हो सकता है।
ट्रंप ने फ्लोरिडा के मियामी के पास अपने गोल्फ क्लब में रिपब्लिकन सांसदों से कहा कि अमेरिका पश्चिम एशिया में “खतरनाक ताकतों को खत्म करने” के उद्देश्य से मौजूद है और उम्मीद है कि यह संघर्ष जल्द समाप्त हो जाएगा।
बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यदि ईरान Strait of Hormuz में तेल की आपूर्ति रोकने की कोशिश करता है तो अमेरिका अब तक की तुलना में 20 गुना ज्यादा ताकत से जवाब देगा।
ईरान के विदेश मंत्री का अमेरिका पर आरोप
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत का अनुभव “कड़वा” रहा है और अब उसके साथ नई कूटनीतिक वार्ता की संभावना बेहद कम है।
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एक इंटरव्यू में उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने कई बार भरोसा तोड़ा और सैन्य आक्रामकता दिखाई। अराघची का दावा है कि ईरान ने पिछले साल अच्छे इरादों के साथ बातचीत शुरू की थी, लेकिन बातचीत के दौरान ही उस पर हमला कर दिया गया।
“ईरान आत्मरक्षा में कर रहा कार्रवाई”
ईरान ने यह भी कहा है कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर किए गए हमले आत्मरक्षा के अधिकार के तहत हैं।
ईरानी नेतृत्व का कहना है कि यह युद्ध उसने नहीं चुना, बल्कि उस पर थोपा गया है और देश केवल अपनी सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई कर रहा है।
ईरान ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर वह मिसाइल हमले जारी रखने के लिए तैयार है और उसकी पहली प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा है।



