न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमले के बाद तनाव और बढ़ गया है। इस हमले को लेकर Iran ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए United States को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। ईरान का दावा है कि जिस पोत पर हमला हुआ वह हाल ही में India द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था और भारतीय नौसेना का ‘अतिथि’ था।
ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने कहा कि करीब 130 नाविकों को लेकर जा रहे युद्धपोत IRIS Dena पर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना किसी चेतावनी के हमला किया गया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने जो कदम उठाया है, उसे लेकर उसे भारी पछतावा होगा।
पनडुब्बी से किया गया हमला
इस बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने वॉशिंगटन में दावा किया कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबो दिया। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली घटना है जब किसी दुश्मन युद्धपोत को टॉरपीडो से डुबोया गया है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री के मुताबिक डुबोए गए जहाज का नाम पूर्व ईरानी सैन्य कमांडर Qasem Soleimani के नाम पर रखा गया था, जिन्हें 2020 में अमेरिकी हमले में मार गिराया गया था।
क्या है IRIS Dena
IRIS Dena ईरान की नौसेना का आधुनिक युद्धपोत माना जाता है। यह मौदगे श्रेणी का फ्रिगेट है, जिसे समुद्री गश्त और सैन्य अभियानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस पोत में भारी तोपें, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, पोत रोधी मिसाइलें और टॉरपीडो तैनात थे। जहाज पर एक हेलीकॉप्टर भी मौजूद था।
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अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख Brad Cooper के अनुसार मौजूदा संघर्ष के दौरान अब तक कम से कम 17 ईरानी नौसैनिक पोत डुबोए जा चुके हैं।
श्रीलंका ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना के बाद Sri Lanka की नौसेना और तटरक्षक बल ने बचाव अभियान शुरू किया। श्रीलंका के विदेश मंत्री Vijitha Herath ने संसद में बताया कि तड़के लगभग 5:08 बजे गॉल बंदरगाह से करीब 40 समुद्री मील दूर एक पोत के डूबने की सूचना मिली थी।
उन्होंने बताया कि बचाव अभियान में अब तक लगभग 30 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि जहाज पर करीब 180 लोगों के सवार होने की आशंका है। जहाज डूबने की असली वजह की जांच अभी जारी है।



