न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Iran और United States के बीच टकराव ने नया मोड़ ले लिया है। जहां एक ओर अमेरिका और Israel अपनी उन्नत वायुसेना के दम पर हमले कर रहे हैं, वहीं ईरान कम लागत वाले लेकिन घातक ‘शाहेद ड्रोन’ के जरिए जवाब दे रहा है। इन ड्रोन हमलों ने खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ा दी हैं।
आत्मघाती हथियार हैं शाहेद ड्रोन
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा विकसित ‘शाहेद’ सीरीज के ड्रोन को लोइटरिंग म्यूनिशन यानी आत्मघाती ड्रोन कहा जाता है। इनमें सबसे चर्चित मॉडल Shahed-136 है, जो लक्ष्य से टकराकर विस्फोट करता है।
इन ड्रोन की खासियत यह है कि ये कम ऊंचाई पर उड़ते हुए रडार से बचने की क्षमता रखते हैं और सीधे अपने लक्ष्य से टकराकर हमला करते हैं।
कई संस्करणों में मौजूद ड्रोन
ईरान ने शाहेद ड्रोन के कई अलग-अलग संस्करण विकसित किए हैं। इनमें
- Shahed-136 – आत्मघाती हमला
- Shahed-131 – छोटा संस्करण
- Shahed-129 – निगरानी मिशन
- Shahed-149 Gaza – लंबी दूरी की क्षमता
विशेषज्ञों के अनुसार ये ड्रोन 30 से 50 किलोग्राम तक विस्फोटक ले जा सकते हैं और करीब 180 से 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरते हुए लगभग 2500 किलोमीटर तक हमला कर सकते हैं।
सस्ता लेकिन घातक हथियार
इन ड्रोन की सबसे बड़ी ताकत इनकी कम कीमत है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक शाहेद ड्रोन की कीमत लगभग 20 से 40 हजार डॉलर के बीच होती है। वहीं इन्हें रोकने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों को लाखों डॉलर कीमत की मिसाइलें इस्तेमाल करनी पड़ती हैं।
यही कारण है कि बड़ी संख्या में लॉन्च किए गए ये ड्रोन किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम पर भारी दबाव बना सकते हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध में भी इस्तेमाल
ईरान की इस तकनीक का इस्तेमाल Russia भी Russia–Ukraine War में कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस इन्हें ‘गेरान-2’ नाम से इस्तेमाल करता है। हालांकि Ukraine ने समय के साथ इन ड्रोन के खिलाफ अपने रक्षा तंत्र को मजबूत किया है।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी चिंता
ईरान द्वारा किए गए जवाबी हमलों में खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं। इनमें Dubai, Bahrain और Kuwait जैसे इलाकों का जिक्र किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में लॉन्च किए जाने वाले ये सस्ते ड्रोन पारंपरिक युद्ध की रणनीतियों को चुनौती दे रहे हैं और आधुनिक युद्ध में नए खतरे पैदा कर रहे हैं।



